गांव मियांपुर निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चानन सिंह (97) का लंबी बीमारी के बाद शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बुधवार 11 बजे मियांपुर कॉलोनी में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। यह जानकारी एसडीएम मोहम्मदी नागेंद्र कुमार सिंह ने दी है। उनके निधन पर क्षेत्रवासियों में शोक की लहर है।
मालूम हो कि तहसील क्षेत्र के एकमात्र बचे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार चानन सिंह का जन्म 20 मई 1919 को पंजाब के पटियाला के गांव वलाडी खुर्द में हुआ था, 19 वर्ष की आयु में अंबाला छावनी के तोपखाना डिपो में गनर के पद पर भर्ती होने के बाद उन्होंने सिंगापुर में प्रशिक्षण लेने के बाद दीमपुर, मणिपुर, अराकान, इम्फाल भेजा गया। उनकी यूनिट ने अंग्रेजों के खिलाफ कई लड़ाईयां लड़ी। इसी दौरान अंग्रेजी फौज ने उनकी यूनिट को कैद कर लिया और सभी सिपाहियों को जेल में डाल दिया, छह सात महीने जेल काटने के बाद उन्हें 20 मई 1946 को अंबाला छावनी से रिहा किया गया। वह 1949 में मोहम्मदी तहसील के गांव मियांपुर में आकर बस गए और तभी से उनका परिवार यहां निवास कर रहा है। चानन सिंह की अंतिम इच्छा थी कि उनके झाले तक पक्की सड़क बन जाए और सरकार ने उनकी यह मांग जीवित रहते हुए गत वर्ष पूरी की, जिसमें तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य सिया सिंह, चमन लाल, हीरालाल, उदयवीर सिंह आदि का सहयोग रहा। उनके निधन पर मियांपुर गांव के प्रधान सुषमा ढाली, भाजपा नेता लोकेंद्र प्रताप सिंह, सुशील त्रिवेदी, मनोज वर्मा, कमलेश वर्मा आदि प्रमुख हैं। सरदार चानन सिंह के निधन पर सपा कार्यकर्ताओं ने भी शोक व्यक्त किया। इस मौके पर मोहम्मद अब्बास नकवी, गौरव पाठक, दानिश अली आदि मौजूद रहे।