फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छोटी काशी के शिव मंदिर का बदल गया कलेवर

Thu, 23 Jul 2015 07:26 PM IST
गोला गोकर्णनाथ
विज्ञापन
विज्ञापन
छोटी काशी के ऐतिहासिक सावन मेले में इस बार श्रद्घालुओं को प्राचीन शिव मंदिर बदले हुए कलेवर में दर्शन के लिए मिलेगा। बरेली का डॉक्टर परिवार इस देवालय का सौंदर्यीकरण करवा रहा है। यह कार्य सावन मेला शुरू होने से पहले पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन

गोकर्णनाथ चंद्रभाल महादेव मंदिर की दीवारों, गुम्बद और खंभों में गुलाबी रंग का पत्थर लगाया गया है। गुम्बद पर लगे पत्थरों में स्थान-स्थान पर त्रिशूल और ऊँ की आकृति तराशी गई है। मंदिर के चतुर्दिक फूलों की किनारी वाली आकृति पत्थर पर उकेरी गई है। मंदिर के शिखर को पुष्प की आकृति में बनाकर आकर्षक रूप दिया गया है।
इस समय मंदिर के बरामदे में पीओपी का कार्य चल रहा है। सौंदर्यीकरण कराने वाले बरेली जिले के नई बस्ती निवासी डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि उनके स्वर्गीय पिता दद्दू प्रसाद भोलेबाबा के परम भक्त थे। वह बचपन से अपने पिता दददू प्रसाद और माता उर्मिला देवी के साथ गोला शिवजी के दर्शन को साथ आते थे। यह क्रम आज भी निरंतर चल रहा है।
विज्ञापन

शिव की श्रद्घा के वशीभूत वह देवालय का सौंदर्यीकरण करवा रहे हैं, जो सावन मेला से पहले ही पूरा हो जाएगा। बताया कि यदि भोले बाबा की कृपा रही तो सावन मेला के बाद भी सौंदर्यीकरण का कार्य चल सकता है।
पहले भी हो चुका है सौंदर्यीकरण
शिव मंदिर का गुम्बद गोल आकृति का बना हुआ है। अर्द्घशतक पूर्व बरेली जिले के मोहल्ला नई बस्ती के खांडसारी उद्यमी सीताराम विशंभरदयाल और बड़ा बाजार बरेली के साड़ी व्यवसायी रतनलाल चंद्रप्रकाश ने देवालय के गोल गुम्बद के ऊपर खड़ी आकृति का नया गुम्बद बनवाया था। उन लोगों ने चीनी मिट्टी के टाइल्स लगवाकर बरामदे का सौंदर्यीकरण और मंदिर के गर्भ गृह में पत्थर भी लगवाया था। वर्ष 2012 में बाराबंकी जिले के ग्राम हरक निवासी ठेकेदार जितेंद्र वर्मा ने मंदिर के गुम्बद के टाइल्स बदल कर गर्भ गृह के टूटे पत्थर बदलवाया था।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें