छंगानाला क्षेत्र में महावतों के साथ विचरण करता विनायक। स्त्रोत: वन विभाग।
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लखीमपुर/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के राजकीय नर हाथी विनायक को सलूकापुर हाथी कैंप से बेलरायां रेंज के छंगानाला हाथी कैंप भेजे जाने का फैसला कारगर साबित होता दिख रहा है।
वन विभाग के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद उसका आक्रामक स्वभाव बदल गया है और वह अन्य हाथियों की तरह सामान्य व्यवहार कर रहा है।विनायक ने 28 अप्रैल को सलूकापुर हाथी कैंप में अपने चाराकटर रामबिलास को पैरों तले कुचलकर मार डाला था। घटना के बाद उसके बदले व्यवहार को देखते हुए उसे छंगानाला हाथी कैंप स्थानांतरित कर दिया गया।
अब पशु चिकित्सकों, महावतों और वन अधिकारियों की निगरानी में उसका व्यवहार सामान्य मिला है। अधिकारियों के अनुसार उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन अधिकारियों का मानना है कि सलूकापुर का माहौल उसके अनुकूल नहीं रहा होगा या वह वहां किसी दूसरे हाथी से असहज था। छंगानाला में अनुकूल वातावरण मिलने से उसके व्यवहार में सुधार आया है।
विनायक को छंगानाला हाथी कैंप भेजा गया है। उसके व्यवहार में आशातीत सुधार हुआ है, लेकिन लगातार निगरानी और कार्य व्यवहार का अध्ययन किया जा रहा है।
- डॉ. एच. राजामोहन, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व