लखीमपुर खीरी। चमोली त्रासदी में जिले के लापता 34 मजदूरों में से दो के शव मिल चुके हैं। लापता इन मजदूरों में एक शाहजहांपुर का भी शामिल है। लखीमपुर खीरी के शेष 31 मजदूरों का पता लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों की टीम उत्तराखंड भेजी है, जिसमें पलिया के एसडीएम डॉ अमरेश मौर्य भी शामिल हैं। वह बुधवार को रुद्रप्रयाग पहुंचे, उनके साथ टीम में सहारनपुर के एडीएम, बिजनौर के एएसपी क्राइम और फ्लड कंट्रोल के एक अधिकारी शामिल हैं।
यह टीम उत्तराखंड के अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहेगी और वहां राहत बचाव कार्य के दौरान मिलने वाले शवों की शिनाख्त कराएगी। रुद्रप्रयाग से एसडीएम पलिया डॉ अमरेश मौर्य ने बताया कि बाबुपुरवा निवासी सूरज के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को कराने के बाद उसके घर वालों को सुपुर्द कर दिया गया है, जिससे वह बृहस्पतिवार को शव लेकर गांव पहुंचेंगे। चार शवों की पहचान नहीं हो पाई है, जिससे अन्य प्रदेश के मजदूरों के शव होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सूरज का शव चमोली से करीब 100 किमी दूर रुद्रप्रयाग में मिला था, जहां परिजन ने शिनाख्त की थी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि 32 लापता मजदूरों में से एक मजदूर शेर सिंह पुत्र दीनदयाल शाहजहांपुर का निवासी है, जो अपनी ससुराल निघासन क्षेत्र में रहने के दौरान रिश्तेदारों के साथ गया था। इसलिए शाहजहांपुर प्रशासन ने भी उसका नाम अपने जिले के लापता मजदूरों की सूची में भेजा है। इससे जनपद के लापता मजदूरों की संख्या अब 31 रह गई है।
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मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवारों को मिलेगी दो-दो लाख सहायता
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिन दो मजदूरों अवधेश निवासी इच्छानगर और सूरज निवासी बाबुपुरवा के शव मिले हैं, उनके परिजन को शीघ्र ही दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार से घोषित सहायता राशि मिलने पर पीड़ित परिवारों को उपलब्ध कराई जाएगी। संवाद