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चमोली त्रासदी: रोते-रोते तीन दिन बीते..अब भी इंतजार

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निघासन (लखीमपुर खीरी) में देवी मां से लापता लोगों की सलामती की प्रार्थना करता किशोर। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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निघासन-तिकुनियां-बेलरायां (लखीमपुर खीरी) चमोली आपदा में क्षेत्र के 34 लापता लोगों का अब तक पता नहीं लग सका है । गांवों में मातम है। जो भी व्यक्ति गांवों में जाता है, उसकी आंखें भी नम हो जाती हैं। लापता हुए लोगों के घरों में तीन दिन से चूल्हा तक नहीं जला है। लोग भूखे प्यासे भगवान से अपनों की सलामती की दिन रात प्रार्थना कर रहे हैं। आलम यह है कि पीड़ित परिवारों के लोगों की रोते-रोते आंखें सूज गई हैं।
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चमोली में लापता हुए गांव इच्छानगर निवासी इस्लाम के दो पुत्रों सुहेल, सबील और बेटी हुस्नाज का बुरा हाल है तो रामतीरथ की पत्नी रामबेटी ने बताया कि उसके पति बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाने का सपना संजोकर मजदूरी करने के लिए गए थे, उनके न लौटने से परिवार का बेहद बुरा हाल है। इश्तियाक ने बताया कि उनका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनना था। उन्होंने सोचा था कि मजदूरी और आवास से मिले पैसों को मिलाकर एक बड़ा घर बनाएंगे, लेकिन उनका सपना साकार न हो सका। जितेंद्र के पिता जगमोहन ने बताया कि उनका बेटा नाराज होकर घर से गया था, वह अब तक वापस नहीं आया है। जितेंद्र का भतीजा आलोक मां दुर्गा की फोटो की तस्वीर के आगे अपने चाचा के सलामती की लगातार प्रार्थना कर रहा है।
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गांव में पहुंचे एसडीएम ने दिलाया भरोसा
एसडीएम ओपी गुप्ता ने गांवों में पहुंचकर लोगों को भरोसा दिलाया कि लापता लोगों की तलाश की जा रही है। ईश्वर चाहेगा तो सभी लोग सुरक्षित वापस आ जाएंगे। बीडीओ आलोक वर्मा और जेई ओमवीर सिंह ने भी गांवों में दौरा कर लोगों को ढांढस बंधाया।
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पीड़ित परिवार को मिलें 15 लाख: बसपा
बसपा नेता मनमोहन मौर्य के अलावा उमाशंकर गौतम, जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी, प्रहलाद भार्गव, अजीत, गिरीश, इरशाद आदि गांवों में पहुंचे और घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को 15-15 लाख और लापता लोगों के परिवार वालों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की सरकार से मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ही लोगों को रोजगार मिले, जिससे लोग मजदूरी करने के लिए बाहर नहीं जाएं। उन्होंने मनरेगा से हो रहे कार्यों की जांच कराने की मांग भी की।
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पड़ोसी बोले-खबर से सन्न रह गए हम लोग
लापता मजदूर गौरी शंकर के पड़ोसी बाला देव, रामविलास बताते हैं कि जब खबर आई तो पहले-पहल उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ, लेकिन बाद में विश्वास करना ही पड़ा। लापता रामू और शेर सिंह के पड़ोसी जंगली धनीराम बताते हैं कि अब तो उन्हें बस भगवान का ही भरोसा है कि कब उनके पड़ोस में रहने वाले लौटें।
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सूरज और अवधेश का शव लेकर चमोली से रवाना हुए ग्रामीण
निघासन (लखीमपुर खीरी)। चमोली में हुए हादसे में जान गंवाने वाले क्षेत्र के इच्छानगर निवासी सूरज और अवधेश के शवों को लेकर गांव वाले चमोली से खीरी के लिए रवाना हो गए हैं। बुधवार सुबह तक सभी के गांव पहुंचने की उम्मीद है। अवधेश की मौत से उसका परिवार बिखर गया है। वह अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था।
मांझा निवासी निवर्तमान प्रधान संतोष ने बताया कि अवधेश का शव लेकर वह चमोली से निकल चुके है। उनको खीरी पहुंचने में अभी 14 से 15 घंटे लग जाएंगे। उन्होंने बताया कि बाबू पुरवा निवासी सूरज का शव भी क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है। परिवार वाले शिनाख्त कर चुके हैं, उसका शव लेकर परिवार के लोग दूसरे वाहन से आ रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम ओपी गुप्ता ने बताया कि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। उनको भी संतोष ने ही फोन पर सूरज के शव के मिलने की जानकारी दी थी। उधर अवधेश के पिता लालता प्रसाद ने बताया कि उनके दो बेटों में अवधेश बड़ा था। अवधेश की मौत से सदमे में आई मां लल्लीदेवी अपने बेटे को याद कर गश खाकर गिर पड़ रही है और कह रही है कि यदि वह मजदूरी करने नहीं जाता तो उसकी जान बच जाती।
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प्रशासन ने किया खाने-पीने का इंतजाम
एसडीएम ओपी गुप्ता के अलावा तहसीलदार धर्मेंद्र पांडे, खंड शिक्षाधिकारी डीके वर्मा, बीडीओ आलोक वर्मा ने गांवों का दौरा किया है। कई लेखपालों को गांवों में लगाया गया है जो मजदूरों के खाने-पीने आदि की व्यवस्था कर रहे हैं।
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घटना को याद कर सिहर उठते है लोग
सिंगाही। चमोली में हुए हादसे को याद करके लोग सिहर जाते है। 2013 में केदारनाथ के मंजर को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि चमोली हादसे ने लोगों के दिलों को एक बार फिर से झकझोर कर रख दिया है। घटना की ख़बर लगते ही लोग अपने परिचितों व संबंधियों को फोन कर उनका हाल जानने की कोशिश करते रहे।
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यही कामना..सभी सुरक्षित वापस घर आ जाएं
चमोली में लापता हुए लोग सुरक्षित घर वापस आ जाएं। इस तरह की आपदा से ईश्वर सभी को बचाए। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है।
-प्रदीप गुप्ता, समाजसेवी
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हमार तव सबकुछ लुटिगवा, हम अब का करिबा
हमार तव सबकुछ लुटि गवा, अब हम का कारिबा। हमार बेटवा हमेशा काम करइ खातिर जात रहय, लेकिन अब वऊ वहां पर लापता हुयि गवा है। हम लोग उइका भेजित नाय रहय, लेकिन वह इस बार नाराज हुइकय घर से गवा रहय।
-लापता जितेंद्र के पिता जगमोहन
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प्रकृति से न करें छेड़छाड़
इतिहास गवाह है कि जब भी प्रकृति के साथ मनुष्य ने छेड़छाड़ की है तब प्रलय आई है। इस प्रलय को रोकने के लिए ईश्वर की बनाई गई सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए। उसको नष्ट नहीं करना चाहिए।
-मांडवी शाक्य सिंगाही
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अब ई घरमा कौन रही
कॉलोनी मिली रहय, सोंचा था कि बेटवा कुछ और कमाय लाई और उन पैसन से हम बड़ा घर बनाय लेब, लेकिन उके लापता होये से लागत हय कि ऐसे घर मा अब कौन रही। ऊपर वाला हमार बेटवा को सुरक्षित घर भेज दे। हम टूटी झोपड़ी मा रहि लेब।
-लापता जलाल का पिता इश्तियाक
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प्रभावित और लापता लोगों के घर वालों से मिलेंगे अधिकारी
लखीमपुर खीरी। उत्तराखंड के चमोली जिले में हुई आपदा में तहसील निघासन क्षेत्र के गांवों से लापता मजदूरों की खोज खबर व बचाव के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने उन मजदूरों के परिवार वालों से संपर्क स्थापित करने के लिए अधिकारियों की ग्रामवार ड्यूटी लगाई है।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना सिंगाही के ग्राम भैरमपुर, मांझा, इच्छानगर में बीडीओ निघासन आलोक कुमार वर्मा, कोतवाली तिकुनियां के गांव भूलनपुर, बाबूपुरवा और कड़िया में तहसीलदार निघासन धर्मेंद्र कुमार पांडेय, ग्राम तिकुनियां, मिर्जापुर, भेडौरा में खंड शिक्षा अधिकारी पलिया दिनेश कुमार वर्मा की ड्यूटी लगाई है। उन्होंने बताया कि अधिकारी प्रभावित व लापता व्यक्तियों के परिजन से उनके निवास स्थान पर जाकर व्यक्तिगत रूप से संपर्क करेंगे। उनके निरंतर संपर्क में बने रहेंगे। शासन-प्रशासन उत्तराखंड राज्य से पीड़ित व्यक्तियों के संबंध में जो भी सूचना प्राप्त होती है। उनसे उनके परिजन को अवगत कराते रहेंगे। परिजन की किसी भी आवश्यकता एवं असुविधा से अधिकारी प्रशासन को अवगत कराएंगे, जिससे तत्काल समस्या का निराकरण हो सके।
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डीएम आवास पर बना कंट्रोल रूम
लखीमपुर खीरी। लापता व्यक्तियों की खोज, बचाव और उनके परिवारों के साथ ही उत्तराखंड शासन से समन्वय स्थापित करने एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए डीएम आवास पर नियंत्रण कक्ष खोला गया है, जिसमें तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार सिंह को कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम का नंबर 05872-252715, 252879, 8009022200 है। पहली शिफ्ट प्रात: 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सहायक चकबंदी अधिकारी मसूद शेरवानी व चकबंदी लेखपाल सचिन, दूसरी शिफ्ट में अपराह्न 3:00 बजे से रात 11:00 बजे तक, जिसमें सहायक चकबंदी अधिकारी सत्येंद्र कुमार चकबंदी व लेखपाल शुभम और तीसरी शिफ्ट में रात 11:00 से प्रात: 7:00 बजे तक, जिसमें सहायक चकबंदी अधिकारी राधेश्याम व चकबंदी लेखपाल मनीष कुमार की ड्यूटी लगाई गई है। संवाद

निघासन (लखीमपुर खीरी) में रोते बिलखता एक लापता मजदूर का परिवार। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

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