धमकी मिलने पर छोड़ना पड़ा था घर
तिकुनिया हिंसा कांड के गवाह पढुआ थाना क्षेत्र के भैरमपुर निवासी बलजिंदर सिंह ने बताया कि मुकदमे में गवाही बदलने की धमकी मिलने के बाद उन्हें अपना घर तक छोड़ना पड़ा था। वह काफी दिन तक इधर-इधर रहे। फिर ससुराल में जाकर बसे। उनका कहना है कि न्याय व्यवस्था पर उन्हें भरोसा था।
बलजिंदर ने बताया कि 3 अक्तूबर, 2021 को हुए तिकुनिया हिंसा मामले में उनकी अक्तूबर 2023 में गवाही होनी थी। इससे पहले 15 अगस्त 2023 को निघासन ब्लॉक प्रमुख हरप्रीत कौर के पति अमनदीप सिंह ने उन्हें उनके घर आकर गवाही बदलने का दबाव डाला। न सिर्फ रुपये लेने का लालच दिया, बल्कि धमकाया भी।
बलजिंदर इतना डर गए कि वह अपनी ससुराल पतरासी थाना शारदा नगर में जाकर रहने लगे। इसके बाद भी अमनदीप में उनकी ससुराल जाकर उन्हें धमकाया और एक लाख रुपये लेने का लालच दिया, तब बलजिंदर सिंह अपनी खेती-बाड़ी की जमीन ठेके पर देखकर पंजाब चले गए थे।
पुलिस ने दर्ज नहीं की थी रिपोर्ट
तिकुनिया हिंसा कांड मामले में गवाह बलजिंदर सिंह ने अगस्त 2023 में ही घटना की जानकारी पढ़ुवा थाने में दी थी, लेकिन गांव बैरिया में थाना निघासन की पुलिस ने धमकियां देने वाले की खोजबीन करने के बजाय उसे ही धमकाना और परेशान करना शुरू कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि धमकाने की वीडियो क्लिप देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई थी मामले में पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी गई थी।
आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उल्टे उस पर दबाव बनाया तो वह पंजाब चला गया था, लेकिन पुलिस बार बार उसे लखीमपुर बुला रही थी, सुप्रीम कोर्ट में शिकायत पेश होने के बाद सीओ निघासन पंजाब गए थे वहां से गवाह बलजिंदर सिंह से मोबाइल सेट और पेन ड्राइव में वीडियो क्लिप भी लाए थे।