लखीमपुर खीरी। एचआईवी से ग्रसित मरीजों की पहचान व अनुमानित संख्या का पता लगाने के लिए प्रोग्रामेटिक मैपिंग एंड पॉपुलेशन साइज एस्टिमेशन (पीएमपीएसई) के दूसरे चरण के अभियान की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान 8 अगस्त से 15 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान टीमें एड्स रोगियों को खोजेंगीं। इसकी तैयारी को लेकर सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता की अध्यक्षता में सीएमओ ऑफिस सभागार में एक बैठक हुई।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रवी मोहन गुप्ता ने बताया कि एचआईवी एड्स से ग्रसित फीमेल सेक्स वर्कर, इंजेक्टीबल ड्रग यूजर, ट्रांसजेंडर मेल टू मेल सेक्स वर्कर आदि को अभियान के अंतर्गत ट्रैक किया जाएगा। माइग्रेट होने वाली आबादी की गणना भी की जाएगी, जिससे एचआईवी एड्स से ग्रसित मरीजों की संख्या का अनुमान लगाया जा सके और उनकी प्रोफाइलिंग की जा सके। इसके लिए एचआईवी सहित सिफलिस की जांच भी कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के साथ जुड़कर शासन द्वारा चयनित कई एनजीओ इस कार्य में अहम भूमिका निभाएंगी।
सभी संस्थाओं द्वारा बनाए गए हॉटस्पॉट माइक्रो प्लान साझा किए गए हैं, जहां पर टीम जाकर कार्य करेगी। साथ ही इसका डाटा भी संग्रह किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीण विकास सेवा समिति के निदेशक अंबुज कुमार यादव, परियोजना प्रबंधक बृजेश कुमार, चित्रांशु समाज कल्याण परिषद पलिया कलां के परियोजना निदेशक दिलीप कुमार, परियोजना प्रबंधक जितेंद्र कुमार, दिशा टीम से सीपीएम पुष्कर, टीबीएचआईवी कोऑर्डिनेटर अनुदीप वर्मा, आईसीटीसी, पीपीटीसीटी, ओएसटी-एसटीआई काउंसलर श्रीकांत शुक्ला सहित सीएबी के सदस्य मौजूद रहे।