लखीमपुर खीरी। मच्छरजनित बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए जिले भर में आज से अभियान चलेगा। इसका उद्देश्य शहर से गांव तक गंदगी और जलभराव पर वार करना है। ताकि मच्छरों से होने वाली बीमारियों से लोगों को बचाया जा सके। हालांकि, इससे पहले भी दो बार जिले में अभियान चला है। जिसकी हकीकत सबके सामने हैं।
कागजों तक सीमित रहे अभियान के कारण ही इस साल जिले में मलेरिया बुखार के रोगी सबसे ज्यादा मिले हैं। पहला अभियान अप्रैल में और फिर दूसरा जुलाई में चला। अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य कई विभागों को मच्छरों को पनपने से रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मगर, नतीजा कुछ नहीं निकला।
कागजों पर चले अभियान के कारण ही इस बार जिले में मलेरिया रोगियों के मिलने का रिकॉर्ड तक टूट गया। जिले में अब तक 246 मलेरिया रोगी मिल चुके हैं। मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए शासन ने एक बार फिर अक्तूबर में तीसरी बार अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान लोगों को मच्छरों से बचाव के बारे में जागरूक कर उन स्थानों को चिह्नित करना है, जहां पर इनके पनपने की आशंका सबसे ज्यादा है।
गंदगी में पनपता है मलेरिया और फाइलेरिया का मच्छर
जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर बताते हैं कि मलेरिया मादा एनाफिलीज और फाइलेरिया रोग क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। यह दोनों मच्छर गंदे पानी में पनपते हैं। गंदगी और जलभराव में मादा मच्छर अंडे देती है। जो सात आठ दिन पानी में रहते हैं और फिर मच्छर बनकर रोग का कारण बनते हैं। इसलिए घर में और इसके आस पास पानी इकठ्ठा न होने दें। यदि पानी जमा हो तो उसमें जला हुआ मोबिल ऑयल डाल दें। इससे लार्वा नष्ट हो जाएगा।
जिले में मिले मरीज
डेंगू- 52
मलेरिया-246
चिकनगुनिया- तीन
इन विभागों की रहेगी सहभागिता
1. स्वास्थ्य विभाग
2. नगर विकास
3. बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार
4. बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा
5. पंचायती राज विभाग
6. ग्राम्य विकास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग
7. पशु पालन व कृषि एवं सूचना विभाग
8. नमामि गंगे, ग्रामीण जलापूर्ति एवं सिंचाई विभाग
31 अक्तूबर तक संचारी रोग अभियान चलेगा। इस बीच 16 से दस्तक अभियान चलेगा। इसमें आशा व आंगनबाड़ी वर्कर घर घर जाकर मच्छरों से बचाव व इलाज की जानकारी देंगी। बुखार के मरीज मिलने पर इसकी जानकारी सीएचसी पीएचसी पर देगीं।
डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ