बस स्टैंड पर लंबे समय से हो रहे अतिक्रमण को एसडीएम ने जेसीबी से हटवाया। इस दौरान बना यात्री प्रतिक्षालय भी ढहा दिया गया। नाराज महिलाएं जेसीबी के सामने लेट गईं। एसडीएम और सीओ ने किसी तरह से समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया। आनन फानन में दुकानों का सामान न हट पाने के कारण काफी सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।
एसडीएम पीके सिंह, सीओ मोहम्मद इब्राहिम पुलिस बल के साथ सोमवार की दोपहर नगर के बस स्टाप पर पहुंचे। एसडीएम ने अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानें तोड़ने का आदेश दिया। कस्बे के लोगों ने बीच से दुकानें तोड़ने का विरोध किया। इस पर एसडीएम ने दक्षिण तरफ से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। उसके बाद रईस अहमद, अर्जुन, ओमप्रकाश और विजय दीक्षित के होटल को अपना निशाना बनाते हुए सारी दुकानें तुड़वा दीं।
आरोप है कि प्रशासन ने इतना मौका नहीं दिया कि सारा सामान दुकानों से सामान हटाया जा सके। महिलाएं दुकान तोड़ने का विरोध करती हुई सड़क पर लेट र्गईं।
मुख्य मार्गों का अतिक्रमण जस का तस
प्रशासन ने भले ही बस स्टैंड का अतिक्रमण हटवाकर अपनी पीठ थपथपा ली हो, लेकिन निघासन बेलरायां मार्ग पर नालियों पर हुए अतिक्रमण को नहीं हटाया गया है, इसके चलते जलभराव की समस्या आ रही है।
नोटिस न देने का आरोप
व्यापारी नंदराम, रईस, अर्जुन आदि ने बताया कि गाटा संख्या 1456 पर दुकानें सालों पहले बनी थीं। जब दुकानों का पक्का निर्माण हो रहा था, उस समय नगर पंचायत ने कोई भी नोटिस नहीं दिया था। साथ ही अतिक्रमण हटाने के पहले दुकानदारों को नोटिस देना चाहिए था। प्रशासन ने मनमानी की है।
समाधान दिवस में अतिक्रमण की शिकायत पर दुकानदारों को बुलाया गया था। पहले ही दुकान आदि खाली करने का निर्देश दिए गए थे। मजबूरीवश कार्रवाई करनी पड़ी है। जल निकासी होने से कस्बे के व्यापारियों को और नाला बनने से नगर वासियों को आसानी हो जाएगी।
पीके सिंह एसडीएम