बाघ प्रभावित क्षेत्र में पेट्रोलिंग करती वन कर्मियों की टीम। संवाद
ममरी। चार पिंजरे और आठ कैमरे लगाए जाने के बावजूद वन विभाग को अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव नंदलालपुर निवासी 23 वर्षीय मनोज कुमार को 16 मार्च को खेत में काम करते समय बाघ ने हमला कर मार डाला था। इसके विरोध में 17 मार्च को परिजनों और ग्रामीणों ने मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग पर शव रखकर हंगामा किया था। मौके पर पहुंचे डीएफओ तापस मिहिर और विधायक अमन गिरी से बाघ को जल्द पकड़ने की मांग की गई थी।
घटना के बाद से क्षेत्र में आठ कैमरे और चार पिंजरे लगाए गए हैं। वन विभाग की तीन टीमें सुबह-शाम लगातार कांबिंग कर रही हैं, लेकिन अब तक बाघ का कोई सुराग नहीं लग सका है। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि बाघ को पकड़ने की कार्रवाई जारी है, लेकिन वह बेहद सतर्क है और पिंजरों के पास नहीं आ रहा। उसके पैरों के निशान पिंजरों से कुछ दूरी पर मिल रहे हैं।