लखीमपुर खीरी। डग्गामार वाहनों के खिलाफ अनुबंधित बसों का संचालन पांच दिनों से ठप है। डिपो में 85 बसें खड़ी हैं, जबकि डग्गामार वाहन सड़कों पर सवारियां ढो रहे हैं। हड़ताल से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
बस एसोसिएशन का कहना है कि अलग-अलग अधिकारियों के साथ बैठक और आश्वासन के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डग्गामार वाहन पूरी तरह बंद होने तक हड़ताल जारी रहेगी। अनुबंधित बस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता ने बताया कि लखनऊ-लखीमपुर मार्ग पर लंबे समय से डग्गामार बसें चल रही हैं। इससे अनुबंधित बसों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिलतीं और प्रति बस रोजाना तीन से चार हजार रुपये का नुकसान होता है।
रोकथाम के लिए कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने पर हड़ताल का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर भी बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। इधर, अनुबंधित बसों के ठप होने से मैजिक समेत कुछ अन्य डग्गामार वाहन सक्रिय हो गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि ये हड़ताल का फायदा उठाकर सवारियां ढो रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
लखीमपुर डिपो में 85 अनुबंधित बसें हड़ताल के चलते खड़ी हैं। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए आरएम गौरव वर्मा ने गोला से 15 और सीतापुर से 10 निगम बसें लखीमपुर डिपो में लगाई हैं। डिपो के पास अपनी 15 बसें भी हैं।
विभागीय अफसरों का दावा है कि बसें पर्याप्त हैं और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही। उनका यह भी कहना है कि निगम की बसों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रही हैं।
रोजाना 8 से 10 वाहन सीज करने का दावा
एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने बताया कि वाहनों के अवैध संचालन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। रोजाना आठ से 10 वाहन सीज किए जा रहे हैं। एलआरपी चौराहे पर टीम तैनात की गई है, जो अवैध संचालन रोकेगी। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
एलआरपी चौराहे पर डग्गामार वाहन में भरी जा रही सवारियां। संवाद