लखीमपुर खीरी। किराये के भवनों में संचालित जनपद के पांच आयुर्वेदिक अस्पतालों को अब तक नए भवन हस्तांतरित नहीं किए जा सके हैं। नए भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके बावजूद हस्तांतरण की प्रकिया अटकी पड़ी है। जिस कारण अव्यवस्थाओं के बीच पांचों आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
फूलबेहड़ ब्लाॅक के महेवागंज, मितौली के ललहुआ, कुंभी के जड़ौरा, नकहा के सकेथू और बांकेगंज ब्लाॅक के मैलानी में जर्जर भवन में आयुर्वेदिक अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। बरसात के समय भवन टपकते हैं। अस्पतालों के नए भवनों को लेकर जिलास्तर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था।
शासन से पांच नए भवनों की मंजूरी मिलने के साथ ही प्रत्येक अस्पताल के लिए 38.40 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। बजट जारी होते ही कार्यदायी संस्था ने निर्माण शुरू कर दिया था। हालांकि अब निर्माण की समयसीमा पूरी होने के साथ ही काम भी पूरा हो चुका है, लेकिन अस्पतालों को अब भी नए भवन में स्थानांतरित होने का इंतजार है।
तीन नवनिर्मित भवनों में बिजली कनेक्शन नहीं
महेवागंज, मैलानी और ललहुआ के आयुर्वेदिक अस्पतालों केे नवनिर्मित भवनों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं हो सके हैं। कार्यदायी संस्था की ओर से बिजली निगम में आवेदन किया गया है, लेकिन निगम की मनमानी के कारण कनेक्शन नहीं हो पा रहा है। बिजली न हाेने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। हालांकि जड़ोरा और सकेथू में निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही बिजली कनेक्शन भी हो चुका है।
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महेवागंज, मैलानी और ललहुआ में बिजली कनेक्शन के साथ ही नाममात्र का काम बचा है। काम पूरा होते ही अस्पतालों को भवन का हस्तांतरण कर दिया जाएगा।
-डॉ. एसके सचान, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी