आने वाले आम बजट से लोगों को एक बार फिर अच्छे दिन आने की उम्मीद बंधी है। महिलाएं महंगाई से निजात मिलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं तो युवा चाहते हैं बजट में कुछ ऐसा प्रावधान हो कि विकास की रफ्तार तेज हो और रोजगार के अधिक अवसर सृजित हों। गृहणियों, नौकरी पेशा लोगों और व्यापारियों से बजट से उम्मीदों की बाबत जब बात की गई तो उन्होंने अपेक्षाएं खुलकर सामने रखीं। नौकरी पेशा लोग आयकर की छूट बढ़ाकर पांच लाख रुपया किए जाने की अपेक्षा रखते हैं।
महंगाई पर अंकुश लगे, आम लोगों को मिले राहत
बजट में कुछ ऐसा प्रावधान हो कि महंगाई में और कमी आए। विशेषकर खाद्य पदार्थों और किचेन में इस्तेमाल होने वाली चीजें सस्ती हों। बजट कुछ ऐसा बने कि लोग अपने जीवन स्तर को ऊपर उठा सकें। विलासिता की चीजों पर मूल्य भले न घटें लेकिन आम आदमी पर महंगाई की मार न पड़े तभी सभी के लिए अच्छे दिन आ सकेंगे।
-अनिता कुदेशिया, शिक्षिका
विकास की रफ्तार तेज हो ऐसा बजट आए
पिछले आम बजट से लोगों ने जो उम्मीदें लगा रखी थीं। वे पूरी नहीं हो पाईं, दालों के मूल्यों लगातार बढ़ोतरी होती रही। इससे गृहणियों को राहत नहीं मिल पाई। मोदी सरकार से उम्मीद है कि उनके वित्तमंत्री कुछ ऐसा बजट पेश करेंगें जिससे आम लोगों को राहत मिले। विकास की रफ्तार तेज हो और अधिक रोजगार के अवसर मिलें।
-रूपम तिवारी, गृहणी
आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर पांच लाख की जाए
यह सही है कि मोदी सरकार आने के बाद विकास की रफ्तार तेज हुई है लेकिन आम लोगों को जितनी उम्मीदें थीं उनमें से आधी भी नहीं पूरी हो पाई है। बजट में कुछ ऐसा प्रावधान किया जाए कि नए उद्योगों का विकास हो और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों। आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपया की जाए।
-डॉ. योगेश कुमार, शिक्षक
उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के प्रयास हों
बजट में विदेशी निवेश बढ़ाने के साथ घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। चीनी उद्योग समेत कई उद्योग संकट में हैं। इन उद्योगों को जीवित रखने और बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने चाहिए। लाइसेंस प्रणाली का सरलीकरण हो ताकि कर निर्धारण को पारदर्शी बनाया जाए। कुछ ऐसा हो जिससे उद्योग और व्यापार विकसित हो।
-महिपाल जैन, व्यापारी