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33 फीसदी शिक्षकों ने अपनाया 'प्रेरणा'

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लखीमपुर खीरी। इंटीग्रेट शिक्षा प्रणाली के तहत प्रेरणा ऐप पर उपस्थिति दर्ज कराने के मामले में शिक्षक संगठनों के भारी विरोध के बावजूद 33 प्रतिशत शिक्षकों ने प्रेरणा अपना लिया है। इससे विरोध प्रदर्शनों से बैकफुट पर आए अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। अब शेष 67 प्रतिशत शिक्षकों को भी प्रेरणा ऐप डाउनलोड कराने के लिए बीएसए ने शिकंजा कसने के लिए सभी ब्लॉकों के बीईओ को निर्देश दिए हैैं।
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प्रेरणा ऐप के जरिए शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों की उपस्थिति दर्ज करने का पांच सितंबर 2019 से आगाज हो चुका है। शिक्षकों और संगठनों के विरोध के चलते अभी 33 प्रतिशत शिक्षकों ने ही प्रेरणा ऐप को डाउनलोड किया है। जबकि काफी शिक्षकों ने अतिरिक्त कार्यों जैैसे एनपीआरसी/एबीआरसी जैसे पदों से इस्तीफा दे दिया है। कुल 3934 विद्यालय हैैं, जिनमें 12823 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से 4352 शिक्षकों ने प्रेरणा ऐप डाउनलोड करके उपस्थिति दर्ज करानी प्रारंभ कर दी है। शेष 67 प्रतिशत शिक्षकों को प्रेरणा ऐप के उपयोग के लिए मनाने की चुनौती बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर आ गई है। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सभी बीईओ को निर्देश देते हुए कहा हैै कि अभी 33 प्रतिशत शिक्षकों ने ही प्रेरणा ऐप पर उपस्थिति दर्ज कराई है। शेष शिक्षकों को प्रेरणा ऐप डाउनलोड कराकर हाजिरी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने कहा है कि प्रेरणा ऐप पर हाजिरी न लगाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए संबंधित बीईओ रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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