रसोइया जनकल्याण समिति ने लंबित मांगों के लिए बुुधवार को बीएसए कार्यालय का घेराव किया तथा बीएसए और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। रसोइयों ने ज्ञापन में लंबित समस्याओं के निस्तारण की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में रसोइयों ने बताया है कि शासनादेश को संशोधित कर प्रत्येक वर्ष विज्ञापन प्रकाशित कराकर ग्रामीण स्तर पर चयन प्रक्रिया तथा पाल्य की अनिवार्यता समाप्त की जाए। पूर्व से कार्यरत रसोइयों का ही नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष कराया जाए। रसोइयों का मानदेय ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त खाते में न भेजकर ई पेमेंट की व्यवस्था कराई जाए। एमडीएम सेल से सीधे मानदेय रसोइयों के खाते में भेजा जाए। दस माह का मानदेय न देकर पूर्व की भांति पूरे शिक्षा सत्र का मानदेय दिया जाए। महंगाई की दृष्टि से मानदेय कम से कम 5000 रुपये किया जाए।
रसोइयों ने बीएसए को दिए ज्ञापन में बताया है कि विकास क्षेत्र बिजुआ, रमियाबेहड़, नकहा, बेहजम और मितौली के रसोइयों का मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है मानदेय शीघ्र दिलाया जाए। नगर क्षेत्र सहित जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों का सात माह का बकाया मानदेय उनके निजी खातों में भेजा जाए। विकास खंड बेहजम के प्राथमिक विद्यालय कोरई में रसोइया निर्मला का जुलाई 2014 से अभी तक 17 महीने का मानदेय नहीं मिला है उसे शीघ्र भुगतान कराया जाए। इसके अलावा रसोइयों ने खाना बनाने के बाद शाम तक न रोकने सहित विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में प्रांतीय उपाध्यक्ष कैलाश कुमार कश्यप, प्रांतीय उपमंत्री नंदिनी पांडे, जिलाध्यक्ष सीमा, जिला उपाध्यक्ष रानी देवी, जिला मंत्री सुधीर कुमार के अलावा नरेश रस्तोगी, सीता देवी, अशोक, अनीता, अर्जुनलाल, मीनाक्षी, राखी, रामरानी, विट्टो देवी, राजेश कुमार पांडे, संगीता और कलावती सहित तमाम रसोइया शामिल थे।