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Lakhimpur Kheri News: फाइलों में पुल, पानी में जिंदगी

Sat, 16 May 2026 01:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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नितिन द्विवेदी
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लखीमपुर खीरी/मोहम्मदी/धौरहरा। जिले में वर्षों से जिन पुलों के निर्माण का इंतजार हो रहा है, वे अब भी अधूरे पड़े हैं। मोहम्मदी के कांकर घाट पुल का निर्माण स्वीकृति और बजट मिलने के बाद भी शुरू नहीं हो सका, जबकि धौरहरा के सुजईकुंडा पुल का काम शिलान्यास के बाद तकनीकी दिक्कतों में फंस गया है।
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पुल न बनने से हजारों लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, वहीं कई गांवों के लोग आज भी नाव के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। गोमती नदी पर प्रस्तावित कांकर घाट पुल को 21 मार्च, 2026 को मंजूरी मिल चुकी है। 31.74 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल की लंबाई 150 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर प्रस्तावित है। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम को दी गई है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में देरी के चलते अब तक काम शुरू नहीं हो सका।
पुल बनने से खीरी के साथ हरदोई और शाहजहांपुर के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अमीरनगर और बरबर क्षेत्र के लोगों को अभी मोहम्मदी होकर करीब 30 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। पुल बनने के बाद यह दूरी घटकर आठ से 10 किलोमीटर रह जाएगी। हरदोई के पिहानी और जहानीखेड़ा से लखीमपुर आने-जाने वालों का भी करीब 20 किलोमीटर का फेर बचेगा। सावन में कांवड़ यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
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उधर, धौरहरा क्षेत्र का सुजईकुंडा पुल निर्माण भी अधर में लटक गया है। करीब 40 वर्षों बाद इस पुल को मंजूरी मिली थी और 2.25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 22 जनवरी को विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने हवन-पूजन के साथ शिलान्यास किया था। शुरुआती खोदाई और निर्माण सामग्री पहुंचने के बाद काम रुक गया।
निर्माण एजेंसी के अनुसार खोदाई के दौरान अत्यधिक दलदल और जलस्रोत मिलने से फाउंडेशन तैयार नहीं हो सका। इसके चलते निर्माण कार्य रोकना पड़ा। यह पुल करीब 20 गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है।

तीन वर्ष पहले छात्रों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर धौरहरा बाइपास पर जाम लगाया था। शिक्षा संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश गंभीर समेत करीब 105 लोगों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था। बाद में शासन से पुल को मंजूरी मिली।
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-जनप्रतिनिधि बोले-नया प्रस्ताव भेजा है
धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया ने बताया कि दलदल अधिक होने के कारण निर्माण प्रभावित हुआ है। रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा गया है। विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि अगले सप्ताह दोबारा काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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कांकर घाट पुल की मांग वर्षों से चली आ रही है। विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के प्रयास से लोगों को उम्मीद जगी है कि अब पुल निर्माण का सपना पूरा होगा।
-अनुज कुमार सिंह, स्थानीय निवासी


पुल बनने से हरदोई और शाहजहांपुर के लोगों को नेपाल में आने-जाने का सीधा रास्ता मिल जाएगा। लंबे समय से लोग इस पुल का इंतजार कर रहे हैं।
-नितिन द्विवेदी
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नाव के सहारे कट रहा सफर
सुजईकुंडा घाट पर पुल न होने से करीब आधा दर्जन गांवों के लोग आज भी नाव के सहारे नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। कई बार नाव पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं। सितंबर, 2025 में नकहा के नौवापुर गांव में शारदा नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के पिलर से टकराकर नाव पलट गई थी। नाव पर 20 लोग सवार थे, जिसमें पिता-पुत्री की डूबने से मौत हो गई थी। वर्ष 2007 में बना यह पुल 2009 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। पांच वर्ष पहले भी यहां नाव हादसे में पांच लोगों की जान जा चुकी है। पंडित पुरवा निवासी अधिवक्ता कन्हैया बाजपेयी ने बताया कि बरसात में आवागमन पूरी तरह नाव पर निर्भर हो जाता है। ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर अस्थायी रास्ता बनाया था, लेकिन पुल निर्माण की तैयारी में उसे भी खोद दिया गया। अब बरसात में संपर्क मार्ग बंद होने का खतरा बढ़ गया है।

नितिन द्विवेदी

नितिन द्विवेदी

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