निघासन। थाना क्षेत्र के मोटे बाबा स्थान मंदिर के सामने सरयू नदी में कई गोवंशीय अवशेष दिखने के बाद नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को हंगामा काटा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाए। बताया गया कि पहले मंगलवार की देर शाम को नदी में गोमांस से भरे बोरे उतराते दिखे थे, जिसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात दस बजे मिट्टी में दफन करवा दिया। बुधवार को जब ग्रामीण फिर सरयू पुल पर पहुंचे तो उन्हें कई गोवंशीय सिर उतराते दिखे। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा किया।
मंगलवार की देर शाम को कोतवाली क्षेत्र बाबा स्थान पर मंदिर में रहने वाले पुजारी विकट गिरि मंगलवार देर शाम नदी किनारे टहलने गए थे। इस बीच वहां उन्होंने नदी में कई गोवंशीय पशुओं के कटे सिर और बोरे में भरा मांस उतराता देखा। साथ मौजूद बंगलहा कुटी गांव के हरियाणा भार्गव ने भी यह दृश्य देखा तो उसने गांव में जाकर लोगों को सूचना दी। कोतवाल प्रभातेश व सीओ राजेश कुमार मौके पर पहुंचे नदी से गोवंशीय अवशेष को निकलवाकर नदी किनारे गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबवा दिया। बुधवार को जब ग्रामीण फिर सरयू पुल पर पहुंचे तो नदी में छह गोवंशीय पशुओं के शव उतराते दिखे। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और मुर्दाबाद के नारे लगाए।
पुल से नदी में अवशेष फेंकने की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि नदी में गोवंशीय पशुओं के अवशेष पुल के ऊपर से नदी में फेंके गए। ग्रामीणों के विरोध पर मौके पर सीओ, कोतवाल और कई पुलिसकर्मी जेसीबी लेकर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से नदी में पड़े कटे सिर निकलवाकर मवेशी डॉक्टर से सिर और अंगों के नमूने लेने के बाद उनको दूर ले जाकर दफन करा दिया। पुलिस ने विकट गिरि की तहरीर पर अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर प्रभातेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके मांस और खाल आदि की सैंपलिंग कराई गई है।