होलिका दहन स्थल पर कब्जे के मामले में लोगों के रोष जाहिर करने के बाद तहसील प्रशासन ने संजीदगी दिखाई है। एसडीएम कार्यालय में हुए हंगामे के दूसरे दिन मंगलवार को एसडीएम विश्राम यादव के निर्देश पर तहसीलदार सुनील झा ने पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर होलिका स्थल की चौहद्दी का चिह्नांकन कराया है। साथ ही होलिका स्थल के चारों ओर पिलर और तार की बाढ़ से स्थल को सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कस्बे में होलिका दहन स्थल के पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति दीवार बनाकर कब्जा कर रहा था। इसकी सूचना शनिवार को कस्बे के लोगों ने तहसीलदार मितौली को दी थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था, लेकिन रविवार पुन: कब्जेदारी का प्रयास शुरू किया गया था। इससे नाराज लोगों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय जाकर नारेबाजी की थी। एसडीएम ने नारेबाजी और अभद्रता आदि आरोपों में पांच लोगों को नामजद करते हुए 50 अज्ञात के खिलाफ मितौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस एकपक्षीय कार्रवाई से आहत लोगों ने पुन: तहसीलदार मितौली और विधायक से मामले की निष्पक्ष जांच कर होलिका दहन स्थल को खाली कराने की मांग की, जिसके बाद तहसीलदार सुनील कुमार झा, सीओ मिथिलेश दीक्षित, एसओ मितौली जावेद अख्तर, रामखेलावन भार्गव आदि ने मौके पर जाकर मामले का हल कराया। निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया और अतिक्रमण कर बनाई गई दीवार को गिरा दिया गया। हदबंदी के बाद तहसीलदार ने पिलर और कंटीले तार लगवाने के निर्देश दिए।
नहीं मिली मदद तो खुद ही बढ़ाए हाथ
होलिका स्थल पर कब्जेदारी का मामला सुलझने के बाद तहसील प्रशासन ने गेंद लोगों के पाले में डाल दी। मसलन पिलर और कंटीले तार कौन लगवाएगा? इस बावत तहसीलदार भी चुप्पी साध गए। लिहाजा उत्साहित लोगों ने पिलर निर्माण और हदबंदी के लिए आपस में चंदा एकत्र करना शुरू कर दिया है।