जिला अस्पताल में मरीज को जानकारी देते हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एक द्विवेदी। संवाद
लखीमपुर खीरी। बदलती जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों में कमी से हड्डी और जोड़ों की समस्याएं कम उम्र में बढ़ रही हैं। पहले घुटनों और कमर का दर्द अधिकतर बुजुर्गों में होता था, लेकिन अब 30 से 40 वर्ष के लोग भी इन शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की अस्थि रोग ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों में करीब 40-50 प्रतिशत घुटनों के दर्द, कमर दर्द, गर्दन में अकड़न, कंधे के दर्द और चोट संबंधी समस्याओं से पीड़ित होते हैं। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना, नियमित व्यायाम न करना, बढ़ता मोटापा, कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी तथा धूप से दूरी इसके प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने बताया कि हड्डियों को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार, दूध व दुग्ध उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, पर्याप्त धूप और नियमित व्यायाम जरूरी हैं। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, चलने में कठिनाई या बार-बार फ्रैक्चर की समस्या को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।