मैगलगंज। कोतवाली क्षेत्र के बेहड़ा गांव निवासी लापता युवक का दस दिन बाद लखनऊ के महानगर कोतवाली क्षेत्र में रेलवे ट्रैक किनारे शव मिलने की सूचना मिली। परिजनों ने मैगलगंज पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते सक्रियता दिखाई जाती तो उनके पिता की जान बच सकती थी।
परिजनों के अनुसार, मिथिलेश सिंह उर्फ नन्हे पुत्र राजबहादुर सिंह एक जुलाई 2026 को घर से जिला गोरखपुर स्थित सेशन कोर्ट जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद उनका परिवार से संपर्क टूट गया। काफी तलाश के बाद परिजनों ने मैगलगंज कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
बाद में सूचना मिली कि लखनऊ के महानगर कोतवाली क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे उनका शव मिला है। इसकी सूचना जीआरपी थाना महानगर ने दी। परिजनों के अनुसार शव के पास मोबाइल फोन और कुछ जरूरी दस्तावेज मिले, जबकि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी गायब थी। इससे उन्होंने घटना को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक के पुत्र का आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले गुमशुदगी दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद उनके पिता जीवित मिल जाते।
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा करने की मांग की है।