16 घंटे बाद गोताखोरों को मिली सफलता
बहराइच जिले की सीमा में मिले शव
घाघरा नदी में बृहस्पतिवार की शाम मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबे तीन युवकों के शव गोताखोरों ने बहराइच जिले की सीमा से बरामद कर लिए है। शवों के मिलने के बाद उनके परिवार में चीखपुकार मच गई। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बता दें कि थाना ईसानगर के मजरा नरगड़ा में नवरात्रि पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गईं थीं। प्रतिमाओं को विसर्जन करने के लिए लोग बहराइच सीमा के घाघरा नदी तट पर ले गए थे। घाट पर पहुंचे पिंकेश, महेश यादव, छोटू, मंगू, दिनेश यादव, मुनुवा, शशिकांत और सुंदरलाल आदि कंधे पर मूर्ति को उठा कर विसर्जन के लिए करीब चार बजे नदी में उतरे। बताया जाता है कि कुछ दूर नदी में ही बिजली का टॉवर खड़ा करने के लिए अधूरा बेस है। ये लोग बेस के गोले में चले गए। इस पर सभी युवक डूबने लगेे। चीख पुकार मचने पर वहां अफरा-तफरी मच गई। कई ग्रामीण युवकों को बचाने के लिए नदी में कूद गए और कई लोगों को डूबने से बचा लिया, लेकिन नरगड़ा निवासी 22 वर्षीय पिंकेश, 25 वर्षीय महेश यादव और ग्राम फतेपुर नबीनगर जिला सीतापुर निवासी 21 वर्षीय छोटू का कोई पता नहीं चला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने अंधेरा होने तक गोताखोरों के माध्यम से तीनों युवकों की तलाश कराई, लेकिन किसी का कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार की सुबह सात बजे फिर शवों की खोजबीन शुरू की गई। नदी में कई स्थानों पर जाल भी लगाए गए। काफी मेहनत के बाद सुबह करीब नौ बजे बहराइच जिले की सीमा में सुनीत उर्फ छोटू का शव जाल में फंस गया। इसके बाद गोताखोरों ने एक घंटे के अंदर तीनों शवों को बरामद कर नदी से बाहर निकाल लिया। इस दौरान ईसानगर एसओ शिवानंद यादव और मोतीपुर (बहराइच) एसओ फोर्स के साथ मौजूद रहे। एसओ शिवानंद यादव ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।