तिकुनिया। खैरेटिया गांव के लोगों को बारिश के मौसम में रपटा पुलिया होने के बाद भी स्टेशन, बाजार या किसी जरूरी काम से जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि मोहाना नदी में बाढ़ आने पर गांव चारों तरफ पानी से घिर जाता है। जब बाढ़ नहीं होती है तो भी रपटा पुलिया के पर तीन फुट पानी बहने लगता है। इससे ग्रामीणों को निजी नाव से आना-जाना पड़ता है।
खैरटिया के मजरा गांव नयापिंड रेलवे स्टेशन के उत्तर में स्थित है। गांव में करीब 60 घर हैं। गांव आने जाने के लिए रेलवे से सटे तटबंध के किनारे नाला है। नाले पर वर्षों पहले ग्राम पंचायत ने पुलिया बनाई थी, लेकिन नाले में अधिक पानी आ जाने से रपटा पुलिया के ऊपर करीब तीन फुट पानी बहने लगता है।
मोहना नदी में जलस्तर बढ़ने पर नाला उफना जाता है, तब ग्रामीणों को नाव के सहारे ही आवागमन करना पड़ता है। इस बाबत भजन सिंह, पारो कौर, गुरबचन सिंह, गज्जन सिंह, बिट्टू सिंह आदि ने बताया कि गांव में एक निजी नाव है, इसी से आना-जाना पड़ता है। ग्राम प्रधान प्रगट सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन से एक नाव उपलब्ध कराई है, जो टूटी-फूटी है। इसे ठीक किया जा रहा है।