लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के ब्लडबैंक में खून का अभाव है। इससे अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं सड़क दुुर्घटना में घायलों को खून मुहैया कराने में दिक्कत आ रही है। कोरोनाकाल में खून की कमी से जूझ रहे ब्लड बैंक को रक्तदाताओं की जरूरत है। ऐसे में एक अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के दिन अमर उजाला फाउंडेशन जिला अस्पताल के सहयोग से ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर आयोजित करने जा रहा है। यहां रक्तदान कर आप महादानी बन सकते हैं।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. केपी सिंह बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले छह माह में गिनती के लोग ही रक्तदान करने आए। इस कारण ब्लड बैंक में खून का अभाव हो गया। ब्लड बैंक में फिलहाल 40 यूनिट ही खून बचा है, जबकि क्षमता 300 यूनिट ब्लड रखने की है। उन्होंने बताया कि अगर किसी विशेष परिस्थिति में ज्यादा लोगों को खून की जरूरत पड़ती है तो खून दे पाना संभव नहीं होगा। इसलिए लोगों से अपील है कि बढ़ चढ़ कर रक्तदान करें, जिससे किसी जरूरतमंद को खून देकर उसकी जिंदगी बचाई जा सकी।
रक्तदान कम करता है कैंसर एवं हार्ट अटैक का खतरा
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. एके सिंह बताते हैं कि रक्तदान करने से सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। वहीं लगातार रक्तदान करने से कैंसर और हार्ट अटैक जैसी बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है। नियमित रक्तदान से खून में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता।
रक्त के संबंध में जानकारी
शरीर में कुल वजन का सात प्रतिशत हिस्सा रक्त होता है।
रक्तदान में सिर्फ 350 मिलीलीटर तक रक्त निकाला जाता है।
350 मिलीलीटर खून तीन से चार जिंदगियां बचा सकता है।
24 घंटे में ही शरीर में फिर से रक्त की कमी पूरी हो जाती है।
रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती है।
नियमित रक्तदान के फायदे
शरीर में खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है।
रक्तदान से पहले जांच में शरीर की स्थिति पता चलती है।
रक्तदान के बाद खून की जांच से एचआईवी, एचवीएसजी, एचसीबी, वीडीआरएल, मलेरिया का पता चलता है। इनमें कोई रोग होने पर रिपोर्ट की गोपनीयता बरकरार रख रक्तदाता को जानकारी दी जाती है।
पंजीकरण के लिए करें व्हाट्स एप मेसेज
स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर रक्तदान करने के लिए इच्छुक लोग 9415354500 पर अपना नाम और पता लिखकर पंजीकरण करा सकते हैं।
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ब्लड बैंक में खून की बेहद कमी है। बच्चों सहित अन्य की जान बचाने के लिए प्रतिदिन आठ से दस यूनिट खून की जरूरत पड़ती है। यह रक्तदान से ही इकठ्ठा होता है। इसलिए जरूरतमंदों की जान बचाने की खातिर रक्तदान अवश्य करें।
-डॉ.आरसी अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल