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ब्लड बैंक की लाखों की रकम का गोलमाल

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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के ब्लडबैंक में तैनात कर्मचारियों ने ब्लड देने के बदले लिए जाने वाले शुल्क में ही गोलमाल कर दिया। जिला अस्पताल में जमा करने के बजाय उसे अपनी जेब में रख लिया। वित्तीय अनियमितता की जानकारी होने पर सीएमएस ने ब्लड बैंक प्रभारी को नोटिस जारी किया है। इससे ब्लड बैंक कर्मचारियों में अफरातफरी है।
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जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक राज्य एड्स सोसाइटी की ओर से संचालित हैं। निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों को ब्लड देने के लिए 1050 रुपये शुल्क लिया जाता है। जबकि जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों ये लिए यह सुविधा नि:शुल्क है। रक्त के बदले ली जाने वाली रकम जिला अस्पताल के खाते जमा करना होता है, जिससे मरीजों की सुविधाओं पर इसे खर्च किया जा सके। मगर, कर्मचारियों ने जुलाई-2019 से ब्लड बैंक में वसूल किया गया शुल्क जिला अस्पताल को हैंडओवर नहीं किया। यह राशि पांच लाख से अधिक बताई जाती है। जनवरी में जिला अस्पताल का चार्ज लेने के बाद प्रभारी सीएमएस को जब इस वित्तीय अनियमितता की जानकारी हुई तो उन्होंने ब्लड बैंक प्रभारी को धनराशि जमा कराने के लिए नोटिस जारी की।
ये है नियम
नियमानुसार ब्लड बैंक में वसूला जाने वाला शुल्क उसी दिन जमा होना चाहिए। मगर, किसी कारणवश यदि नहीं जमा होता है तो दूसरे दिन तो जमा होना ही चाहिए।
ब्लड बैंक में लिपिक नहीं है। इसलिए दूसरे या फिर तीसरे दिन पैसा जमा करा देते हैं। सभी का पैसा जमा हो गया। सिर्फ एक फार्मासिस्ट पर कुछ बकाया है। उसे भी जल्द ही जमा करा दिया जाएगा।
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-डॉ. केपी सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी
ब्लड बैंक कर्मचारियों पर धनराशि बकाया थी, जिसे जमा कराने के लिए ब्लड बैंक प्रभारी को नोटिस जारी की गई। जुलाई से दिसंबर तक का शुल्क जमा हो गया है। जो रह गया है वह भी जल्द जमा करा लिया जाएगा।
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-डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस
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