पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने धौरहरा में विकास की गति का चक्का जाम कर दिया है। यहां कांग्रेस शासनकाल में जो विकास कार्य हुए थे उनके बाद एक भी विकास कार्य भाजपा की केंद्र सरकार और सपा की प्रदेश सरकार ने नहीं कराया है। धौरहरा के लोग इस समय आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। अतिवृष्टि और ओलावृष्टि में अपनी फसलें गवां चुके किसानों को अब तक केंद्र या प्रदेश सरकार ने मुआवजा नही दिया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने धौरहरा में बाढ़ पीड़ितों के प्रति सरकारों के उदासीन रवैये पर कहा कि जिला खीरी मेें बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हजारों परिवार अपनी सारी चल और अचल संपत्ति खो चुके हैं। इन बाढ़ पीड़ितों के पास न तो रहने के लिए घर है और न ही खाने के लिए अन्न का दाना है इसके बावजूद भी केंद्र और प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ितों की कोई सुधि नही ले रही है। बाढ़ पीड़ित अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के बच्चों की शिक्षा की भी कोई व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा नहीं की जा रही है।
पूर्व केंद्रीयमंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को ईसानगर ब्लाक के ग्राम भदईपुरवा और अन्य बाढ़ पीड़ित गांवों के ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं को देखा। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी जा रही है। जबकि बाढ़ पीड़ितों को इस समय सबसे पहले भोजन और रहने के लिए आवास की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ित क्षेत्र मेें दवाई आदि का भी वितरण नही किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भीषण बीमारियां फैलने की आशंका है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने धौरहरा विधानसभा के ग्राम भदईपुरवा, नारीबेहड़, मिर्जापुर, वीरसिंहपुर, शिवपुर, मझगई, कविरहा, सिसैया चौराहे पर और जेठरा में कार्यकर्ताओं से भेंट की। उनके साथ भ्रमण में डॉ. छत्रपाल मौर्या, जमाल अहमद, कमलेश मिश्रा, आशुतोष पांडेय, अनिल गुप्ता, राजेश अवस्थी, विशाल शुक्ला, ओम प्रकाश, संजय गुप्ता, विद्या सागर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
इससे पहले लखीमपुर शहर में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने शहर के एलआरपी गेस्ट हाउस में कांग्रेसजनों से भेंट करते हुए कहा कि संसद में सोमवार को संसद की कार्यवाही का काला दिवस था लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद वे जनता की आवाज उठाने के लिए संसद में होते है। राजनीतिक दुर्भावना के कारण सांसदों को संसद की कार्यवाही से अलग रखना लोकतंत्र के लिए बहुत ही घातक है और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
इस दौरान उनके साथ पूर्व जिलाध्यक्ष इकबाल अहमद खां, पूर्व मंत्री माया प्रसाद, अशोक सक्सेना, राजीव अग्निहोत्री, दीपक वाजपेयी, आशुतोष पांडेय, डॉ. वीरेंद्र वर्मा, सुजीता कुमारी, मीना मिश्रा, सुशील शुक्ला, विनोद अवस्थी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
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पूर्व मंत्री के सामने उठाया
टैक्स में वृद्धि का मुद्दा
लखीमपुर खीरी। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के लखीमपुर पहुंचने पर व्यापार मंडल मिश्रा गुट के व्यापारियों ने उनसे मुलाकात की और पेट्रोलियम पदार्थों में फिक्स टैक्स लगाने का मुद्दा उठाया। व्यापारियों ने कहा कि लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी होने और बिजली कटौती होने के कारण उद्योग-धंधों पर बुरा असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने इंस्पेक्टर राज खत्म करने की भी मांग उठाई।
व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक तोलानी, संगठन मंत्री सेवक सिंह अजमानी, जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री से कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू करने जा रही है। इसमें प्रदेश सरकारों को अतिरिक्त कर लगाने का अधिकार दिया गया है। जिसके तहत प्रदेश सरकार ने डीजल और पेट्रोल पर टैक्स फिक्स कर दिया है। इससे प्रदेश के बाहर के व्यापारी यहां से पेट्रोलियम पदार्थ नहीं खरीदेंगे। जिसका सीधा असर व्यापारियों के कारोबार पर पड़ेगा। व्यापारियों ने कहा कि इंस्पेटर राज खत्म कर आम सहमति से छापेमारी की कार्रवाई की जाए। इस दौरान व्यापारी नेता जगदीश शर्मा, नगर महामंत्री उमेश मिश्रा, शिव तोलानी, उमेश तोलानी, युवा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, नगर अध्यक्ष विमल मिश्रा सहित कई व्यापारी मौजूद थे।