बीएसए के निर्देश पर जांच शुरू
केन्द्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से अवार्ड ले चुके खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अनुराग मिश्रा अपने इलाके में बेसिक शिक्षा की किताबें नहीं बचा पाए। एक चाय पकौड़ी की दुकान पर यह किताबें देख लोगों ने हंगामा किया तो बीएसए संजय शुक्ला ने जांच शुरू कर दी है।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार से मुफ्त किताबें दी जाती हैं। इस बार किताबें काफी देर से आईं, लेकिन बच्चों को मिलने वाली ये किताबें कसबे की एक चाय पकौड़ी की दुकान पर बेच दी गईं। खास बात यह है कि बेसिक में अभी तक वार्षिक परीक्षाएं नहीं हुई हैं। ऐसे में बच्चों अथवा अभिभावकों द्वारा इन किताबों को बेचने का कोई औचित्य नहीं बनता। चाय पकौड़ी की दुकान पर बच्चों की सरकारी किताबों को देख लोगों ने हंगामा किया। बात बीएसए संजय शुक्ला तक पहुंची तो उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग मिश्रा से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
------
कहीं लीपापोती करने में तो नहीं जुटे बीईओ
बीएसए के निर्देश पर चाय पकौड़ी की दुकान पर बेची गई किताबों की जांच में अब बीईओ अनुराग मिश्रा का कहना है कि अभी तक इस बात की तस्दीक नही हुई है कि होटल पर रखी मिली कक्षा पांच एवं छह की कुल छह किताबें किसी स्कूल से आईं थीं या फिर किसी फेरी लगाने वाले कबाड़ी ने बेंचीं थीं। फिलहाल वह कहते हैं कि मामले की जांच कर रिपोर्ट बीएसए को देंगे।
-------
नेशनल अवार्ड के लिए चयनित हो चुके हैं बीईओ
जिले में बेसिक शिक्षा स्तर पर किए गए विशेष कामों के लिए केन्द्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बीईओ अनुराग मिश्रा को नेशनल अवार्ड दिया है। अनुराग को दिल्ली में यह अवार्ड एक सप्ताह पहले ही प्रयास नाम के विशेष कार्यक्रम के लिए दिया गया है।
------
बिजुआ में चाय पकौड़ी की दुकानों पर बेची गई किताबों के मामले की जांच कराई जा रही है। यह अत्यंत गंभीर मामला है। बेसिक शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी इसमें दोषी मिला तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
-संजय शुक्ला, बीएसए