विकास क्षेत्र में मांगी तैनाती, अनाधिकृत बीआरसी कार्यालय पर छापामारी का मामला
शहर के मोहल्ला नई बस्ती में चल रहे अनाधिकृत बीआरसी कार्यालय में छापामार कार्रवाई में बीएसए ने बीईओ को अपने कार्यालय से संबद्ध कर स्पष्टीकरण तलब किया था। शनिवार को बीईओ ने भी स्पष्टीकरण के रूप में बीएसए पर पलटवार किया। बीईओ ने जहां बीएसए के लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया, वहीं यह भी बताया है कि उसके पास बीआरसी में संसाधन ही नहीं हैं। बीईओ ने स्पष्टीकरण के साथ संबद्धीकरण समाप्त करने और मूल विकास खंड में तैनाती की मांग की है।
बीईओ सत्य प्रकाश ने शनिवार को बीएसए को नोटिस का स्पष्टीकरण दिया है इसमें बताया है कि जिस जगह पर छापा मारा गया वहां कोई धन उगाही का कार्य नहीं हो रहा था। उसके कार्यालय के कंप्यूटर आपरेटर पवन वर्मा को लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व बीएसए कार्यालय से संबद्ध कर लिया गया था। उसके विकास क्षेत्र में कोई एकाउंटेंट नहीं है विकास क्षेत्र के सह समन्वयक उमेश चौरसिया और ओमप्रकाश अपनी यूनियन के अध्यक्ष और मंत्री हैं जो विभागीय कार्यों में रुचि नहीं लेते हैं। वे लोग जिला और लेखा कार्यालय में घूमा करते हैं। इसकी पुष्टि बीएसए कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है। ऐसी स्थित में अपने विकास क्षेत्र के कार्योँ को बीआरसी में पूर्ण करा पाना संभव नहीं था। बीईओ ने बताया है कि वर्तमान में कक्षा पांच और आठ का रिजल्ट फीड कराना, समाजवादी पेंशन का आनलाइन डाटा फीड कराना, शिक्षकों का कार्मिक विवरण प्रपत्र जांच और फीडिंग सहित अन्य कार्य, ब्राडबैंड कनेक्शन और बाधित विद्युत आपूर्ति के कारण निर्धारित समय में पूर्ण कराना संभव नहीं हो पा रहा था। इसलिए उस कंप्यूटर की दुकान पर कंप्यूटर के कुछ दक्ष शिक्षकों को लगाकर कार्य कराया जा रहा था। बीईओ ने बताया है कि उन्होंने जो लिपिक उसे दिया है उसे इमला लिखना तक नहीं आता है वह सेवा पुस्तिका क्या बनाएगा। ऐसी स्थिति में किसी शिक्षक से कार्य लिया जा सकता है। बीईओ ने बताया है कि उसके ऊपर जो आरोप बीएसए ने लगाए हैं वे निराधार हैं। मांग की है कि उसका संबद्धीकरण निरस्त करते हुए मूल विकास क्षेत्र में तैनाती दें।