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‘भागवत कथा के श्रवण से पाप से मुक्त हो जाता है मनुष्य’

Sat, 12 Dec 2015 07:06 PM IST
मोहम्मदी
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श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री रामचरित मानस कथा का शुभारंभ स्थानीय स्वामी रामाश्रम इंटर कॉलेज में व्यवस्थापक ठा. सरनाम सिंह के पूजन अर्चन के साथ शुरू हुआ। रामशरण शास्त्री वृंदावन ने कहा कि भागवत पुराण भगवान श्री कृष्ण का साक्षात स्वरूप है, इसके श्रवण मात्र से ही मनुष्य पाप से मुक्त हो जाता है। उन्होंने भागवत पुराण की रचना विधि भी सुनाई, उन्होंने कहा कि नारद जी ने चार श्लोक व्यास जी को प्रदान किए, उन्हीं चार श्लोकों को महर्षि वेदव्यास ने 18 हजार श्लोकों से परिपूर्ण कर श्रीमद् महापुराण की रचना की और शुकदेव जी को प्रदान की, शुकदेव जी ने यह कथा राजा परीक्षित को सुनाई।
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कथा मंच पर रायबरेली से आए मानस आश्रित ने भगवान राम के प्राकट्य का मनोहारी वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि इस संसार में आदमी को आदमी बनाने के लिए परमात्मा को भी आदमी बनकर आना पड़ा। मंच पर कु. अरुणिमा शास्त्री ने भी भगवान राम के जन्म की कथा सुनाई। इस दौरान श्रीमद्भागवत महापुराण पाठकर्ता योगेश दीक्षित, जापकर्ता विशंभर शुक्ला, स्वागतकर्ता कमलेश, विमलेश, कृष्ण कुमार, अंकुर, अवनीश, मनमोहन, व्यवस्थापक लाल चंद्र कनौजिया आदि मौजूद रहे।
रामआसरे  वाजपेयी, गुलशन कुमार भसीन, मिथलेश वाजपेयी, रजनीश वाजपेयी, श्रीकांत  त्रिपाठी, रामअवतार शुक्ला, प्रदीप रस्तोगी, रामौतार यादव, रामनिवास यादव,  विशम्भर दयाल समेत अनेक श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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इस मौके पर रामजानकी मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद नाथ वाजपेयी, ठाकुर सरनाम सिंह आदि मौजूद रहे। कथा 18 दिसंबर तक चलेगी।

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