धौरहरा सीट से लोकसभा सदस्य पद का चुनाव लड़ चुके सपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आनंद सिंह भदौरिया को सीतापुर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के घोषित प्रत्याशी का विरोध करना महंगा पड़ गया। उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है। जिससे जिले की राजनीति हलकों में हलचल तेज हो गई है। उधर पार्टी खेमे में भदौरिया के निष्कासन से कहीं खुशी तो कहीं गम है, लेकिन पदाधिकारियों और विधायकों ने मामले में चुप्पी साध रखी है। जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें निष्कासन की जानकारी मिली है कोई सीतापुर का मामला है।
लोकसभा चुनाव से पहले आनंद भदौरिया को सपा ने कस्ता विधानसभा का प्रभारी बनाया था। उनके प्रभारी रहते हुए सुनील लाला ने बसपा के तत्कालीन कद्दावर नेता जुगुल किशोर के पुत्र सौरभ सिंह सोनू को हराया था। मूलरूप से सीतापुर के महोली क्षेत्र में रहने वाले आनंद भदौरिया को लोकसभा चुनाव में दो लाख से अधिक वोट मिले थे। इसके अलावा मितौली, मोहम्मदी, पसगवां आदि क्षेत्रों में भी उनकी मजबूत पकड़ थी। सपा से आनंद भदौरिया के निष्कासन की पुष्टि करते हुए जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने कहा कि सीतापुर जिले में ही शिकायत मिलने पर पार्टी की ओर से कार्रवाई की गई है। जिले में सपा के घोषित प्रत्याशी को लेकर पार्टी के अंदर कहीं विरोध नहीं है।