लखीमपुर खीरी। पांच माह पूर्व भेजा गया लखीमपुर से बेला परसुआ रूट पर बसों के संचालन का प्रस्ताव फिलहाल फंस गया है। उधर, अधिकारियों के निर्देश पर एआरएम और केंद्र प्रभारी ने नए रूटों का सर्वे शुरू कर दिया है।
जिले में कई प्रमुख रूट पर लखीमपुर डिपो की बसों का संचालन नहीं होता। इसमें कुछ रूट नेपाल बॉर्डर से जुड़े हैं। कई ग्रामीण इलाकों में भी परिवहन की व्यवस्था ठीक नहीं है। यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सवारियों की समस्या समाधान करते हुए विभाग इन रूट पर बसों का संचालन करने जा रहा है। इसी क्रम में एआरएम मुकेश मेहरोत्रा और केंद्र प्रभारी नफासत अली ने ग्रामीण रूट का सर्वे शुरू कर दिया है। वहीं कुछ समय पहले भारत-नेपाल बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट के तहत लखीमपुर से बेला परसुआ रूट का सर्वे कर प्रस्ताव भेजा गया। यह प्रस्ताव अभी पास नहीं हुआ है।
अलीगंज, गुलौला और फूलबेहड़ रूट का जुटाया जा रहा विवरण
एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि मंगलवार कोे फरधान से भदूरा होकर नीमगांव-गुलौला रूट का सर्वे किया गया। इस रूट पर कितने गांव और आबादी है, रूट की कितनी दूरी है, इसका विवरण जुटाया गया। लखीमपुर से अलीगंज और लखीमपुर से फूलबेहड़ रूट का सर्वे भी किया जा चुका है। कुछ अन्य रूट का सर्वे कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जाएगा। किस रूट पर कौन सी बस संचालित की जाए, इस संबंध में भी जानकारी देनी है।