लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को वितरित किए गए बैग, जूता-मोजा और यूनीफार्म की गुणवत्ता की जांच के लिए गुरुवार को मंडलीय टास्क फोर्स ने नौ स्कूलों में छापा मारकर जांच की। इसी वर्ष वितरित किए गए बैग खराब मिले हैं, किसी की चेन खराब मिली तो कोई फटा मिला। हालांकि कई बच्चे परीक्षा के चलते बैग स्कूल लेकर नहीं आए थे। यूनीफार्म की भी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली।
मिड डे मील प्राधिकरण की मंडलीय समन्वयक निधि शर्मा के नेतृृत्व में टीम ने सबसे पहले सीतापुर जिले के ब्लाक परसेंडी के तीन प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण किया। इसके बाद लखीमपुर ब्लाक के खीरी टाउन में स्कूल में छापा मारा, जहां कई बच्चों के बैग फटेहाल मिले। कुछ में चेन खराब थी, तो कई बैगों की सिलाई उधड़ी मिली। जूते मोजे की भी हालत खराब मिली। इसके बाद नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय में टीम ने बच्चों के बैग, यूनीफार्म और जूते देखे। बैग और यूनीफार्म की गुणवत्ता यहां भी खराब मिली। मंडलीय समन्वयक निधि शर्मा ने बताया कि नौ स्कूलों का निरीक्षण किया, जिनमें स्कूल बैग और जूता-मोजा और यूनीफार्म की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि बैग और जूता-मोजा की आपूर्ति प्रदेश स्तर से हुई थी। संबंधित कंपनियों से इस संबंध में पहले ही करार हो चुका है कि एक साल के अंदर बैग या जूता खराब होने पर उन्हें बदला जाएगा। इसके लिए कोई अलग से पैसा नहीं दिया जाएगा। यूनीफार्म का वितरण विद्यालय स्तर से कराया गया है, जिसके लिए एसएमसी जिम्मेदार है। रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। टीम में लखनऊ मंडल के डीआई उर्दू बिरजू भारतीय शामिल रहे। टीम ने इसके अलावा डायट परिसर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया। वहां टायलेट बहुत गंदा मिलने पर नाराजगी जताते हुए वार्डेन को तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। कहा कि इस गंदगी से लड़कियों को इंफेक्शन हो सकता है।