रेलयात्री पखवाड़े के समापन से एक दिन पूर्व लखीमपुर रेलवे स्टेशन पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें सांसद अजय मिश्र टेनी ने यात्रियों को रेलवे सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पखवाड़ा के तहत आई यात्रियों की शिकायतों को रेल मंत्रालय भेजकर सुविधाओं में और सुधार किया जाएगा। इस दौरान सांसद ने वरिष्ठ मंडल इंजीनियर जितेंद्र्र सिंह के साथ रेलवे कर्मियों की कार्यप्रणाली, स्टेशन पर प्रदत्त सुविधाओं का निरीक्षण किया।
सांसद टेनी ने स्टेशन पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि स्वीकृत के बाद बड़ी रेल लाइन का कार्य धीमी गति से चल रहा था लेकिन उनके प्रयास के बाद 350 करोड़ का बजट जल्द मिल गया और तेजी से निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी रेल लाइन बनने के बाद यात्रियों की हर समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिसंबर 2016 तक हर हाल में बड़ी रेल लाइन बनकर तैयार हो जाएगी। सांसद ने रेलवे स्टेशन पर पानी की समस्या, टिकट काउंटर पर भीड़ लगने, सर्वर की खराबी आदि समस्याओं को दूर कहने को कहा। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर नि:शुल्क चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें लखनऊ से आईं वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीक्षा चौधरी, डॉ. संजय तिवारी ने 30 रेल यात्रियों सहित करीब सवा सौ लोगों का चेकअप किया और मधुमेह, ब्लड शुगर समेत अन्य बीमारियों के बारे में जानकारी दी। एक अन्य लगाकर रेल कर्मचारियों की समस्याओं और शिकायतों को दर्ज किया गया।
मोबाइल पर मिलेगा मैसेज, फोन से मिलेगी सूचना
वरिष्ठ मंडल इंजीनियर जितेंद्र्र सिंह ने बताया कि रेलवे जल्द ही 139 की सुविधा शुरू करने जा रहा है, इससे यात्रियों को ट्रेनों के आवागमन की जानकारी आसानी से हो सकेगी। साथ ही आरक्षित टिकटों पर रेलवे द्वारा यात्री के मोबाइल पर ट्रेन संबंधी जानकारी मैसेज से मिला करेगी।
तेज गति से बड़ी लाइन बनाने का सुझाव दिया
रेलयात्री पखवाड़े के तहत करीब दो सौ यात्रियों ने 26 मई से लेकर आठ जून तक विजिटर बुक में सबसे ज्यादा बड़ी लाइन बनाने का सुझाव दिया है। लगभग डेढ़ सौ यात्रियों ने पानी, बैठने के लिए बेंच और छाया न होने की शिकायत की है।
तीन साल से बंद पड़ा है शौचालय
प्रेसवार्ता के समय एक यात्री ने सांसद अजय मिश्रा और वरिष्ठ मंडल इंजीनियर को बताया कि गोला स्टेशन पर पिछले तीन साल से शौचालय बनकर तैयार है, लेकिन उसमें ताला डाल दिया गया है। जब से शौचालय बना है तब से उसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाया है।