बांकेगंज। मैलानी रेंज के जंगल से गुजर रहे रेल ट्रैक पर सोमवार रात डालीगंज-मैलानी पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर एक नर भालू की मौत हो गई। वन विभाग ने अज्ञात लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस किया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज जंगल से होकर रेलवे ट्रैक निकला है। सोमवार रात 11 बजे करीब बांकेगंज के निकट पिलर संख्या 185/7 व 185/8 के मध्य एक भालू रेल पटरी क्रॉस कर रहा था। इस बीच बांकेगंज से मैलानी जा रही पैसेंजर ट्रेन (05088) की चपेट आकर भालू की मौत हो गई। मंगलवार भोर गश्त कर रही महुरेना बीट वन कर्मियों की टीम ने रेलवे ट्रैक और उसके किनारे पड़े भालू के क्षत-विक्षत शव को देखकर इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
बफरजोन उपनिदेशक सौरीस सहाय ने रेल पटरी किनारे पड़े भालू के शव का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद शव को महुरेना गेस्ट हाउस भिजवाया। तीन दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, बांकेगंज के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश चंद्रा, मैलानी की डॉ. कविशा गंगवार ने भालू के शव का पोस्टमार्टम किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भालू की उम्र नौ से 10 साल के बीच बताई गई। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी मौत 15 से 16 घंटे पहले होने का अनुमान है। उपनिदेशक ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए की गाइड लाइन के मुताबिक भालू के शव को जला दिया गया।
ट्रेन की चपेट में आकर तीन चीतल की भी हो चुकी है मौत
बांकेगंज-मैलानी रेल प्रखंड पर पांच माह पहले ट्रेन की चपेट में आकर तीन चीतल की भी मौत हो चुकी है। 13 जनवरी को महुरेना बीट जंगल से गुजरे रेल ट्रैक पर बांकेगंज छोटी नहर पुल के आगे पिलर संख्या 182 /10 के पास गेहूं के खेत में चर रहे तीन चीतल सुबह मैलानी से लखनऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन की आवाज सुनकर रेलवे ट्रैक क्रॉस करने लगे। इस बीच ट्रेन की चपेट में आकर तीनों चीतल की मौत हो गई थी। इनमें से दो नर और एक गर्भवती मादा चीतल की मौत हुई थी।
मैलानी-बांकेगंज रेल प्रखंड के बीच ट्रेन की चपेट में आने से एक नर भालू की मौत हो गई है। तीन डॉक्टरों के पैनल से भालू के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अज्ञात लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस काटा गया है। मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। जांच में इस बात का पता लगाया जाएगा कि ट्रेन की रफ्तार मानक के अनुरूप थी या नहीं।
- ललित वर्मा, फील्ड डाइरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व