विकास भवन स्थित ग्राम्य विकास विभाग के सहायक लेखाकार प्रदीप शुक्ला से बृहस्पतिवार की शाम करीब छह बजे फोन पर अभद्रता करने के मामले ने तूल पकड़ लिया। शुक्रवार को इसके विरोध में एकजुट हुए कर्मचारियों ने बीडीओ मोहम्मदी एके सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विकास विभाग से जुड़े तमाम कर्मचारी प्रदीप शुक्ला के समर्थन में विकास भवन के गेट पर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों के धरने से विकास भवन के अधिकारी सकते में आ गए। दफ्तर पहुंचे सीडीओ नितीश कुमार ने पूरे मामले की जानकारी ली और बीडीओ मोहम्मदी को जिला मुख्यालय पर तलब किया। वहीं सहायक लेखाकार से अभद्रता के मामले को लेकर विकास भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भजन लाल ने साथी कर्मचारियों के साथ सीडीओ से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा।
जिसमें सात नवंबर से पूरे विकास भवन के कर्मचारियों द्वारा कार्य बहिष्कार कर हड़ताल करने की चेतावनी दी गई। हालांकि सीडीओ से वार्ता के दौरान कर्मचारी संतुष्ट नजर आए और सहायक लेखाकार सहित कर्मचारियों ने बीडीओ मोहम्मदी के माफी मांगने और भविष्य में कर्मचारियों से अभद्रता न करने की शर्त पर धरना समाप्त करने का भरोसा दिया। दोपहर करीब ढाई बजे बीडीओ मोहम्मदी विकास भवन पहुंचे जहां सीडीओ नितीश कुमार, परियोजना निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह के समक्ष दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बीडीओ मोहम्मदी ने ठेस पहुंचने पर खेद जताया और भविष्य में कर्मचारियों के सम्मान का ध्यान रखने का भरोसा दिया। जिसके बाद धरना समाप्त हो गया।
गाली-गलौज पर भड़के कर्मचारी
सहायक लेखाकार प्रदीप शुक्ला के मुताबिक बृहस्पतिवार की शाम बीडीओ मोहम्मदी एके सिंह ने उन्हें फोन किया और अपने वेतन आहरण तथा वार्षिक वेतन वृद्धि के संबंध में पूछा। जिस पर सहायक लेखाकार ने कहा कि वार्षिक वेतन वृद्धि स्थापना-प्रथम पटल से स्वीकृत होता है तथा वेतन आहरण के संबंध में रोकने और आहरण के लिए स्वीकृत आदेश सक्षम अधिकारी के स्तर से होने पर आहरित किया जाता है। इतना सुनते ही बीडीओ मोहम्मदी ने गाली-गलौज और अपशब्द कहने शुरू कर दिए। आरोप है कि बीडीओ ने सहायक लेखाकार को देख लेने की धमकी दी।
मनमाफिक काम न करने पर रोकते हैं वेतन बिल
सीडीओ के समक्ष मुद्दा उठा कि अधिकांश विकास खंडों के कर्मचारी मौखिक रूप से शिकायत करते हैं कि बीडीओ मनमाफिक कार्य न करने पर उन्हें प्रताड़ित करते हैं तथा वेतन बिल रोक देते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि ताजा मामला पसगवां का है। जहां दिवाली नजदीक होने के बावजूद बीडीओ पसगवां द्वारा हस्ताक्षर न करने से वेतन बिल लटका पड़ा है। इससे कर्मचारियों में काफी रोष है। शुक्रवार को सहायक लेखाकार से अभद्रता की जानकारी होने मोहम्मदी और पसगवां सहित कई ब्लाकों के कर्मचारी धरने में शामिल होने के लिए जिला मुख्यालय पहुंच गए थे।
सीडीओ ने जारी किया पत्र
सीडीओ नितीश कुमार ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि कर्मचारियों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दिवाली से पूर्व कर्मचारियों को वेतन जारी करने का भी निर्देश दिया है।