भूगर्भ जल में आ रही लगातार कमी के प्रति लोग अब भी जागरूक नहीं हैं, लेकिन बांकेगंज के शिवभक्तों ने भूगर्भ जल संरक्षण के लिए यहां वाटर रिचार्ज सिस्टम शुरू किया है। यह शुरुआत कस्बा स्थित बांकेश्वर महादेव मंदिर से की गई है।
श्रावण मास एक अगस्त से शुरू होगा। श्रावण मास में जहां एक ओर रुद्राभिषेक के संग महायज्ञ होंगे, वहीं दूसरी ओर बांकेगंज मंदिर कमेटी की ओर से पर्यावरण संरक्षण और जलसंरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। कमेटी अध्यक्ष गोविंद राम गोयल और उनकी पत्नी सुशीला गोयल ने बताया सावन के महीने में जलाभिषेक के दौरान हजारों लीटर पानी शिवलिंग पर चढ़ने के बाद नालियों में बह कर बर्बाद हो जाता है। इससे इस पवित्र जल का अनादर होने के साथ इसकी बर्बादी होती है। इसे रोकने के लिए मंदिर के बाहर एक गहरा सोखपिट बनाया गया है। जलाभिषेक का यह पवित्र जल मंदिर से बाहर इस सोखपिट में जाएगा। जहां से यह पानी सीधे भूगर्भ में समाहित होगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर अच्छे कामों की शुरुआत मंदिरों से होती है, और इससे लोग प्रेरणा लेते हैं। यह सोच कर इसकी शुरुआत बांकेेश्वर महादेव मंदिर से की गई है। इस सोखपिट के जरिए न केवल जलाभिषेक के जल का संरक्षण होगा बल्कि वर्षा जल भी धरती के अंदर जाकर वाटर रिचार्ज होगा। संरक्षक दयानरायन राठी ने कहा कि कस्बे और आसपास के लोगों को भी वाटर रिचार्ज सिस्टम को अपनाना चाहिए। ताकि भूगर्भ जल का क्षरण न हो।