दो घंटे बाद आया होश, तब मैनेजर ने दिए रुपये
स्टेट बैंक में हंगामे के बाद वितरित हुआ कैश
ग्रामीण इलाके में स्थित बैंकों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोजाना बैंक खुलने से पहले जरूरतमंदाें की भारी भीड़ जुट रही है। कहीं हंगामा तो कहीं भीड़ के बीच महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को सुंदरवल स्थित इलाहाबाद बैंक में लाइन में खड़ी 55 वर्षीय महिला गश खाकर गिर पड़ी। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए ले जाया गया। करीब दो घंटे बाद होश आने पर मैनेजर ने उसे रुपये देकर घर भेजा। वहीं, स्टेट बैंक शाखा पर हंगामे के बाद नकदी वितरण शुरू हुआ।
इलाहाबाद बैंक शाखा सुंदरवल में ग्राहकों की लंबी लाइन लगी थी। लाइन में महिलाएं और बुजुर्ग भी थे। लाइन में परसेहरी कलां निवासी महेश की पत्नी राजवंती लगी थी। दोपहर तक उसका नंबर नहीं आया। धक्का मुक्की के बीच राजवंती बेहोश होकर गिर पड़ी। इससे वहां अफरातफरी मच गई। बैंक कर्मी भी आ गए। परिवार वाले महिला को निजी क्लीनिक पर ले गए। करीब दो घंटे बाद महिला को होश आया। बैंक मैनेजर पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक के बाहर महिला के बेहोश होने की बात पता चली थी। फौरन उसकी मदद की गई। महिला को उसके खाते से 3500 रुपये दिए गए हैं। उधर, यहीं की स्टेट बैंक शाखा पर नो कैश की नोटिस चस्पा देख बैंक पहुंचे ग्राहकाें ने हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बैंक में कैश मौजूद होने की बात कही। मामला बढ़ता देख बैंक कर्मियों ने नो कैश का बोर्ड हटाया और कैश बांटा। शाखा प्रबंधक बनारसी दास ने बताया कि भीड़ अधिक थी, जबकि बैंक में पर्याप्त कैश नहीं था। हंगामा न हो इसलिए जो था, उसे बांट दिया गया।