एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर बुधवार को राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यशाला हुई। इासमें किशोरों को पौष्टिक खान पान के प्रति जागरूक करने के लिए अर्श काउंसलरों को निर्देश दिए गए। काउंसिलिंग की समीक्षा में फरधान, पलिया सीएचसी बेहतर तो कुंभी, बांकेगंज और रमियाबेहड की स्थित बेहद खराब मिली।
आरकेएसके कार्यक्रम के नोडल अधिकरी एवं एसीएमओ डॉ.आरपी दीक्षित ने कहा कि किशोर किशोरियों को पौष्टिक खान पान के लिए जागरूक करें, क्योंकि फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स आदि से पेट तो भर जाता है, लेकिन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिलते। जबकि यही उनके शरीर के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बैलेंस डाइट की अत्यंत जरूरत होती है। इसलिए किशोरों को सुबह की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से करनी चाहिए और दोपहर एवं रात का खाना भी संतुलित लें। एसीएमओ अश्वनी कुमार ने कहा किशोर मोटापे का शिकार हो रहे हैं , जिन्हें विशेष काउंसलिंग की जरूरत होती है। क्योंकि मोटापा उनके लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे बच्चों को सुबह टहलने और फास्ट फूड, तला भुना खाने से परहेज करने को कहे। इस दौरान एसीएमओ डॉ.बीसी पंत, सचिन गुप्ता सहित सीएचसी के अर्शकाउंसलर मौजूद रहे।
फरधान और पलिया सीएचसी रही अव्वल
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.आरपी दीक्षित ने समीक्षा के दौरान फरधान में 20 और पलिया में 23 किशोरों की रोजाना काउंसलिंग होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और बांकेगंज में आठ, कुंभी में सात, रमियाबेहड़ में नौ और मितौली, निघासन में दस दस किशोरो की काउंसलिंग होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी अर्श काउंसलरों को रोजाना 25 किशोरों की काउसंलिगं करने के निर्देश दिए।