लखीमपुर खीरी। साइबर ठगी, मानव तस्करी और फर्जी नौकरी के झांसे से विद्यार्थियों को बचाने के लिए अब विद्यार्थी भी प्रहरी की भूमिका निभाएंगे। जिले के इंटर कॉलेजों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं को बाल प्रहरी के रूप में तैयार किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर जिले के करीब 400 माध्यमिक विद्यालयों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग क्लब गठित किए जाएंगे।
डीआईओएस विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले में संचालित होने 310 वित्तविहीन, 56 राजकीय व 45 एडेड विद्यालयों में बाल प्रहरी का गठन किया जाएगा। यह बाल प्रहार साइबर ठगी, मानव तस्करी और फर्जी नौकरी के झांसे से विद्यार्थियों को बचाने के लिए अब विद्यार्थी भी प्रहरी की भूमिका निभाएंगे। सभी विद्यालयों में क्लब की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति का विवरण, फोटो और गतिविधियों की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। विद्यालयों से प्राप्त जानकारी राज्य स्तरीय पोर्टल पर भी अपलोड की जाएगी।
कहा कि प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाचार्य क्लब के अध्यक्ष और एक वरिष्ठ शिक्षक समन्वयक होंगे। कक्षा नौ, 10, 11 और 12 से एक-एक छात्र और एक-एक छात्रा का चयन होगा। इस तरह प्रत्येक विद्यालय से आठ विद्यार्थी क्लब के सदस्य बनेंगे। ये विद्यार्थी विद्यालय में अपने साथियों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी शिक्षक या जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।