लखीमपुर खीरी। गरीबों को बेहतर अस्पतालों में निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई आयुष्मान भारत (पीएमजेएवाई) योजना जिले में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं कर पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की धीमी रफ्तार और जागरूकता के अभाव के चलते अब तक केवल 58 प्रतिशत पात्र लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बन सके हैं।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति का पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग योजना की जानकारी से वंचित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 19.96 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 11.25 लाख लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो लगभग 58 प्रतिशत प्रगति है। अब तक करीब 1.10 लाख लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। 70 वर्ष से अधिक आयु के 41 हजार पात्रों को भी योजना में शामिल किया गया है। जिले में 18 निजी और 17 सरकारी अस्पताल योजना से संबद्ध हैं।
ऐसे जानें पात्रता
अपनी पात्रता जांचने के लिए Ayushman Beneficiary Portal पर जाएं या https://beneficiary.nha.gov.in/ पोर्टल पर लॉगिन करें। Login as Beneficiary के बॉक्स में जाकर कैप्चा कोड दर्ज करें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर भरकर Verify पर क्लिक करें। Authentication Mode में OTP का चयन करें। मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद पूछे गए सवालों के आधार पर तय होगा कि आपका कार्ड बनेगा या नहीं।
-रुपये मांगने पर यहां करें शिकायत-
इस योजना के तहत इलाज कैशलेस होता है। निजी अस्पताल लाभार्थी से जांच, दवा या अन्य मद में रुपये नहीं ले सकते। यदि कोई अस्पताल ऐसा करता है तो तत्काल इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 180018004444 पर की जा सकती है। सीएमओ कार्यालय और आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आरोपों के समर्थन में दवा, जांच आदि की रसीदें साक्ष्य के रूप में होनी चाहिए।
-सामान्य प्रसव में नहीं मिलता लाभ-
सरकार की इस योजना को शुरू हुए करीब सात वर्ष बीत चुके हैं। समय-समय पर इसमें बदलाव भी किए गए हैं। पिछले वर्ष 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को योजना में शामिल किया गया था। वहीं आशा बहुओं को भी बाद में इसमें जोड़ा गया। हालांकि, सामान्य प्रसव में इस योजना का लाभ नहीं मिलता। यदि सिजेरियन ऑपरेशन सरकारी अस्पताल में होता है, तभी लाभार्थी पात्र माना जाता है।
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आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लगातार शिविर भी लगाए जा रहे हैं। आशाएं सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
-डॉ. अक्षत, जिला कोऑर्डिनेटर, आयुष्मान योजना