मरीजों को परामर्श देते चिकित्साधिकारी डॉ. रुकमेश मिश्र। संवाद
लखीमपुर खीरी। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और शरीर में दर्द की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के साथ ही आयुर्वेदिक अस्पताल में भी ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ मरीज एलोपैथिक दवाओं के बजाय आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. रुकमेश मिश्र के मुताबिक सामान्य दिनों की अपेक्षा 30-35 प्रतिशत मरीजों की संख्या बढ़ी है। लोगों से अपील है कि दो दिनों से अधिक बुखार आ रहा है तो बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवा न लें।
उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान खानपान और दिनचर्या प्रभावित होने से सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मरीजों की जांच के बाद उनकी स्थिति के अनुसार उपचार और दवाएं दी जा रही हैं।
लगातार बुखार रहने, तेज सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन बातों का विशेष ध्यान
मौसम में बदलाव के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजा और हल्का भोजन लेने तथा साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। वायरल बुखार के दौरान आराम करना भी जरूरी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और खांसते-छींकते समय मुंह ढकने से संक्रमण को कम करने में मदद मिल सकती है।