लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय श्रवण दिवस पर बुधवार को जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बहरेपन से बचाव की जानकारी दी गई। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते इलाज करा लिया जाए तो बहरेपन की समस्या से बचा जा सकता है।
बहरेपन से बचाव के लिए बुधवार को जिला अस्पताल में जागरूकता गोष्ठी हुई। ओपीडी में डॉ. ललित कुमार ने कम सुनने की समस्या से पीड़ित महिलाओं और पुरूषों की जांच कर दवाएं दीं। नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि बहरेपन की समस्या को लेकर सभी को विशेष रूप से चौकन्ना रहना चाहिए। कान में संक्रमण, कान में मैल, सिर व कान पर चोट के कारण सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए ऐसी स्थित में लापरवाही न करके डॉक्टर को दिखाएं।
सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के साथ नवजात शिशु में भी बहरेपन की समस्या हो सकती है। शिशुओं में बहरेपन का कारण जन्म में कठिनाई एवं समय से पहले जन्म होना है। डॉ. राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, देवनंदन श्रीवास्तव, नीरज वर्मा, सुरेंद्र कुमार, पंकज शुक्ला आदि मौजूद रहे।