बताते हैं कि शनिवार को ईसानगर थाने के उपनिरीक्षक सुनील तिवारी के मोबाइल पर गांव रामलोक में संचालित रामलोक कल्याण समिति की ओर से कॉल की गई। कॉल करने वाले रामलोक निवासी और श्रावस्ती में डिप्टी कमिश्नर उद्योग विभाग के पद पर तैनात बताए जा रहे हैं। ऑडियो में किसी व्यक्ति (पत्रकार) पर कार्रवाई को लेकर डिप्टी कमिश्नर धमकाने वाले लहजे में बोलते सुने जा रहे हैं।
आरोपित पर कार्रवाई न होने पर थाने का घेराव करने की धमकी दी। कानून व्यवस्था में समस्या खड़ी करने की बात कही। कहा कि वह तांडव मचा देंगे। ऑडियो वायरल होने पर प्रशासन हरकत में आ गया। रविवार सुबह एसडीएम राजेश कुमार व सीओ पीपी सिंह ने रविवार सुबह रामलोक समिति के विक्की मिश्रा, जितेन्द्र तिवारी, सुनील कुमार व विनय कुमार सहित पांच सदस्यों को थाना ईसानगर बुलाकर वार्ता की।
एसडीएम ने समिति के लोगों से कहा कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उसकी ही संस्था में शिकायत दर्ज कराएं। समिति के सदस्यों के साथ आए करीब सौ लोगों को तुरंत घर जाने को कहा गया। सीओ पीपी सिंह ने बताया कि समिति के सदस्यों से बातचीत हो गई है। अपनी शिकायत संबंधित पत्रकार की संस्था में दर्ज कराने को कहा गया है। समिति के किसी भी सदस्य की ओर से अराजकता फैलाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।