बाढ़ नियंत्रण खंड शारदानगर ने निगरानी बढ़ाने का दावा किया
लाखों की लागत से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर उठने लगे सवाल
जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जगहों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। घाघरा, शारदा, सुहेली और मोहाना नदियों के किनारों पर कटान का सबसे ज्यादा आशंका बनी हुई है। हालांकि बाढ़ नियंत्रण खंड और सिंचाई विभाग ने ऐसी जगहों पर स्पर, बंबू क्रेट और जीईओ ट्यूब स्टड का कार्य कराने का दावा किया है। इसके बावजूद जलस्तर बढ़ने के साथ ही दावों की कलई खुलने लगी है, जिसमें मोहाना नदी पर बनाए गए तटबंध के स्पर और शारदा नदी से निकले घाघी नाले का बंधा क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आ चुका है।
धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी के दाहिने किनारे पर निर्माणाधीन तटबंध जालिमनगर से अंबुपुर के किमी 14 से 14.60 के बीच गांव साहबदीनपुरवा के निकट नदी कटान करती हुई बंधे की ओर बढ़ रही हैै। इससे पीलीभीत-बस्ती मार्ग के साथ ही दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। घाघरा के किनारे ही बसे गांव हटवा, निहालपुरवा और जनकपुरवा के पास बाढ़ का खतरा बना हुआ है। गांव मिर्जापुर से नारीबेहड़ के बीच बाढ़ के नियंत्रण को 16 बंबू क्रेट में बालू भरी बोरियों से कटर का निर्माण कराया गया है। शारदा नदी के दाहिने किनारे पर किमी 23.350 से 23.475 के मध्य कटान की स्थिति बनी है, जिसकी जद में गांव रैतीपुर, बिजुआ, बजेहरा और अकालगढ़ आ सकते हैं। इसी तरह सुहेली नदी के बाएं किनारे पर स्थित गांव मोतीपुर के पास कटान के हालात हैं। जबकि मोहाना/कौड़ियाला नदी के दाएं किनारे पर कटान रोकने के लिए स्टड निर्माण कराए गए हैं।
नदियों के किनारे तटबंधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्माण कार्य कराए गए हैं। सभी जगहों पर कटान की स्थिति नियंत्रण में है और सतत निगरानी की जा रही है।
-विनोद कुमार सिंह, अधिशाषी अभियंता, बाढ़ खंड शारदानगर