शहर के बिजली शेड्यूल में बदलाव के बाद लोगों को यह उम्मीद थी कि अब उन्हें रात में कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा और वो चैन की नींद सो पाएंगे। कुछ दिनों तक यह शेड्यूल अपने निर्धारित समय पर चला और रोस्टर के मुताबिक ही बिजली कटौती की गई, लेकिन पिछले तीन-चार दिन से इमरजेंसी कटौती के चलते लखीमपुर वासियों को रात में सिर्फ चार घंटे ही बिजली सप्लाई मिल रही है। इससे लोगों की रात की नींद हराम हो गई है।
पिछले करीब एक हफ्ते से शहर में बिजली सप्लाई का रोस्टर धड़ाम हो गया। लोगों को बिजली कम मिल रही, लेकिन कटौती ज्यादा हो रही है। खास बात यह कि रात में तीन बजे से लेकर पांच बजे तक इमरजेंसी रोस्टरिंग की जा रही है। इसके बाद दिन में भी घंटों बिजली सप्लाई गुल हो रही है। लोगों का कहना है कि बिजली कटौती तो हो ही रही है। ओवरलोडिंग के कारण लो-वोल्टेज में बिजली सप्लाई मिल रही है। खासकर गढ़ी उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में लो-वोल्टेज के कारण पानी की सप्लाई भी प्रभावित है। जिसकी वजह से लोगों को बिजली के साथ-साथ पानी की भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि तीन चरणों में बिजली कटौती करने के बाद से कुछ दिनों तक रात में राहत मिली, लेकिन अब इमरजेंसी कटौती होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत सहायक अभियंता धर्मेंद्र आनंद का कहना है कि निश्चित रूप से बिजली कटौती में इजाफा हुआ है, लेकिन यह कटौती सिस्टम कंट्रोल से की जा रही है। बिजली कटौती से लोगों को हो रही समस्याओं के बारे में अधिकारियों को बताया गया है। उम्मीद है जल्द रोस्टर के अनुसार बिजली कटौती की जाएगी।