लखीमपुर खीरी। डग्गामार वाहनों पर अंकुश न लगाए जाने से नाराज अनुबंधित बस मालिकों ने सोमवार रात से बसों को अतिरिक्त चक्कर पर भेजने से मना कर दिया। इससे यात्रियों को लखनऊ और सीतापुर जाने के लिए रात में बसें नहीं मिलीं। काफी देर भटकने के बाद यात्री अन्य वाहनों से अपने गंतव्य तक जाने को मजबूर हुए। बस मालिकों का कहना है कि जब भी डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए कहा तो सिर्फ आश्वासन ही मिला। अगर, कार्रवाई की भी तो सिर्फ एक या दो बसों पर। डग्गामार वाहनों के कारण बसों की निर्धारित आय न होने पर निगम हमारे देयकों से कटौती करता है। इसलिए बसों को अतिरिक्त चक्कर पर भेजने से मना करना मजबूरी हो गया।
लखीमपुर डिपो में कुल 71 बसें हैं, जिसमें चार एसी हैं। अधिकतर बसें धौरहरा लखनऊ रूट पर चलती हैं। निर्धारित किलोमीटर पूरे होने के बाद रात में सवारियों की अधिकता होने पर करीब 15 से 20 बसों को अतिरिक्त चक्कर पर धौरहरा, लखनऊ भेजा जाता है। डग्गामार बसों पर लगाम न लगने से अनुबंधित बस मालिकों ने सोमवार रात से बसों को अतिरिक्त चक्कर पर भेजने से मना कर दिया, जिससे रात में यात्री भटकने को मजबूर हुए। ........
डग्गामार वाहनों की धरपकड़ के लिए निरंतर अभियान चलता है। इधर कई वाहन सीज किए गए और कई का चालान हुआ। चेकिंग के लिए रूट पर जाते ही डग्गामार गायब हो जाते हैं।
-रमेश कुमार चौबे, एआरटीओ
बस मालिकों ने डग्गामारी को लेकर अतिरिक्त चक्कर पर बसें भेजने से मना कर दिया है, जिससे रात में परेशानी हो रही है। यात्रियों को दिक्कत न हो इसलिए गोला से बसें मंगाई जा रही हैं।
-एसपी सिंह, एआरएम, लखीमपुर डिपो