लखीमपुर खीरी। सोने की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं। इसलिए वे आर्टिफिशियल ज्वेलरी को एक अच्छा विकल्प मान रहे हैं। शहर में भी इसका बाजार खूब चमक रहा है। शादी–पार्टियों में पहनने के लिए महिलाएं ऐसे हार, चूड़ियां और टीके ज्यादा पसंद कर रही हैं, जो दिखने में बिल्कुल असली गहनों जैसे लगते हों।सहालग आते ही इन गहनों की मांग में और भी तेजी देखी जा रही है।
बाजार में दुकानों पर तरह-तरह की आर्टिफिशियल ज्वेलरी मौजूद हैं। यहां नई बिक्री के साथ ही किराये पर भी ज्वेलरी उपलब्ध हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं के बीच आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहली पसंद बन चुकी है। इसमें गोल्ड फिनिश वाले लांग हार, शॉर्ट हार, मंगलसूत्र, मेटल के हार, अमेरिकन डायमंड वाले हार और चूड़ियां, राजपूती आड़, विक्टोरियन पोलकी, एडी, रिवर्स एडी सहित प्रीमियम गोल्ड पाॅलिश की ज्वेलरी महिलाओं को काफी पसंद आ रही है।
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किराये की कीमत
ब्राइडल ज्वेलरी - 1200 रुपये से शुरुआत
आर्टिफिशियल - 1000 रुपये से शुरुआत
ये है कीमत
टाॅप्स - 199 रुपये से शुरूआत
गोल्ड पॉलिश में टॉप्स - 999 रुपये से शुरुआत
झुमकी - 400 रुपये से शुरू
चेन - 89 से 999 रुपये
पर्स - 499 रुपये से शुरू
ब्राइडल पर्स - 1199 रुपये तक
पोटली पर्स - 499 रुपये तक
कड़े व चूड़ियां - 400 रुपये तक
किफायती रेट और नए डिजाइन की वजह से आर्टिफिशियल ज्वेलरी की बिक्री बढ़ी है। अब सिर्फ हार और चूड़ियां ही नहीं, राजपूती आड़ सहित अन्य ज्वेलरी भी महिलाओं की पसंद में शामिल हो रही हैं।
उर्वशी नागर, व्यापारी
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सोने–चांदी की महंगाई और चोरी के डर से भारी जेवर पहनकर बाहर निकलना आसान नहीं रहा। आर्टिफिशियल ज्वेलरी सस्ती होने के साथ-साथ आकर्षक डिजाइन में भी मिल जाती है। इसलिए युवतियां और महिलाएं इसे अधिक पसंद कर रही हैं।
नेहा गुप्ता, व्यापारी
आर्टिफिशियल ज्वैलरी की दुकान पर खरीदारी करती युवतियां। संवाद- फोटो : सांकेतिक
आर्टिफिशियल ज्वैलरी की दुकान पर खरीदारी करती युवतियां। संवाद- फोटो : सांकेतिक
आर्टिफिशियल ज्वैलरी की दुकान पर खरीदारी करती युवतियां। संवाद- फोटो : सांकेतिक