डीएम किंजल सिंह के दौरे के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार दिखा, लेकिन मरीजों के साथ आए तीमारदारों पर शामत आ गई। अस्पताल प्रशासन ने वार्डों से भीड़ हटाने के नाम पर तीमारदारों को वार्ड से ही नहीं, बल्कि परिसर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससेे ग्रामीण इलाकों से आए तीमारदार परेशान हाल इधर-उधर भटकते नजर आए तो कुछ अस्पताल गेेट पर सड़क किनारे खड़े होकर वार्ड में भर्ती अपनों का हालचाल जानने के लिए बेचैन दिखे।
जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था में सुधार के लिए गुरुवार को डीएम किंजल सिंह ने पूरे प्रशासनिक अमले के साथ औचक निरीक्षण किया था और अपने सामने ही सुधार भी कराया था। मरीजों के साथ आए तीमारदारों को वार्ड से बाहर रखने के निर्देश देते हुए एक तीमारदार को मरीज के पास रुकने की इजाजत दी थी। इसके लिए डीएम ने टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों को अस्पताल से बाहर खदेड़ दिया। अपना-अपना बोरिया-बिस्तर लेकर तीमारदार सड़क पर आ गए और वार्ड में भर्ती अपनों का हालचाल जानने के लिए बेकरार दिखे। तीमारदारों ने जब विरोध किया तो उन्हें डीएम के आदेश का हवाला देकर चुप करा दिया गया। लिहाजा दोपहर बाद सारे तीमारदार अस्पताल परिसर से बाहर कर दिए गए। इससे पलिया, निघासन, धौरहरा, संपूर्णानगर, मोहम्मदी क्षेत्र से आए कई तीमारदारों को बेरंग होना पड़ा।
प्रभारी सीएमओ डॉ वीके साहू ने बताया कि वार्ड में एक मरीज के साथ एक तीमारदार रहेगा। गंभीर केस में मसलन महिला मरीज के साथ दो तीमारदार रुकने की अनुमति है। अवांछित लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए तीमारदारों को टोकन जारी किए जा रहे हैं।