गोला गोकर्णनाथ। अमर उजाला की अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत बुधवार को जीवनलाल कमला देवी कन्या महाविद्यालय में महिला सशक्तीकरण पर गोष्ठी आयोजित की गई। प्रबंधक जया अग्निहोत्री ने बेटियों को नारी गरिमा का साझा संकल्प दिलाते हुए कहा कि अब समय बदल रहा है समाज को बेटियों के प्रति कुरीतियों से उबरना होगा। शासन, प्रशासन और समाज की प्रत्येक इकाई को मिलकर ऐसा माहौल तय करना होगा कि जिसमें बेटियां को सफलता की उड़ान के लिए खुला आसमान मिल सके। इस मौके पर छात्राओं ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कॉलेज में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती का पूजन और दीप जलाकर किया गया। हिंदी प्रवक्ता वर्तिका ठाकुर ने कहा कि नारी अबला नहीं सत्य की पहचान है। उन्होंने कहा कि-नारी तू अबला नहीं, स्वयं शक्ति पहचान। अपने हक को लड़ स्वयं तब होगा उत्थान। शिक्षा शास्त्र प्रोफेसर एकता वर्मा ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में बेटियों और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, अपराध, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं समाज को कलंकित कर रही हैं। जिन पर रोक लगनी चाहिए।
प्राचार्य डॉ वेद प्रकाश अग्निहोत्री ने अमर उजाला की अपराजिता मुहिम की सराहना की। संचालन डॉ आदर्श दीक्षित ने किया।
बीए प्रथम की छात्रा प्रियांशी दीक्षित का कहना है कि कठिनाइयों से लड़कर ही सफलता मिलती है। अब लड़कियां डरने के बजाय परिस्थितियों से सामना करना सीख गई है।
बीए तृतीय वर्ष की ज्योति का कहना है कि लड़कियों में आत्मविश्वास होना जरूरी है। तभी वह खुद को किसी मुकाम पर साबित कर सकती हैं।
बीए प्रथम वर्ष की फरहाना बानो का कहना है कि अच्छे बुरे लोग हर जगह होते हैं। कोई भी बात हो अपने माता-पिता, अपने बड़ों से छुपानी नहीं चाहिए।
बीए तृतीय वर्ष की सृष्टि बाथम का कहना है कि लड़कियों महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून तो हैं। फिर भी सजा ऐसी होनी चाहिए की अपराधियों की आत्मा कांप उठे।
बीए तृतीय वर्ष की प्रांशी देवी का कहना है कि कभी-कभी कानूनी दांव पेच के चलते अपराधी बच निकलते हैं। यदि सजा का प्रावधान त्वरित और शीघ्र होने लगे तो अपराधी अपराध करने से पहले डरेंगे।