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‘खुद अपनी रक्षा करने का बीड़ा उठाएं बालिकाएं’

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पलियाकलां। महिलाओं और बालिकाओं को अपनी रक्षा करने का बीड़ा खुद उठाना चाहिए। महिलाएं जागरूक हों और अपने अंदर आत्मविश्वास जगाएं, इससे किसी से भी डटकर मुकाबला करने की शक्ति मिलती है। यह बात बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित महिला सशक्तीकरण विषयक कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य डीएल भार्गव ने कही।
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उन्होंने छात्राओं से कहा कि अपनी सुरक्षा का अधिकार सभी को है, मुसीबत के समय में हिम्मत से काम लेना चाहिए। कहा कि बेटियां कमजोर नहीं है अपने अधिकार को पाने के लिए उन्हें आगे बढ़ना है। कॉलेज के उप प्रबंधक राजेश भारतीय ने कहा कि आजकल हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रही हैं, सभी क्षेत्रों में महिलाओं की सहभागिता पुरुषों की तुलना में बराबर है। इसीलिए उनको पुरुषों की तुलना में ही सम्मान मिलना चाहिए जिससे उनका मनोबल बढ़े। गोष्ठी के अंत में छात्राओं ने अपनी रक्षा स्वयं करने की शपथ लेते हुए कहा कि वह किसी से नहीं डरेंगी और आने वाली मुसीबतों का डटकर सामना करेंगी।
‘रोशनी चिरागों से नहीं बेटियों से भी होती है’
छात्रा दरक्शा अंसारी ने कहा कि ‘रोशनी चिरागों से नहीं बेटियों से भी होती है’। अमर उजाला के कार्यक्रम से मन में आत्मविश्वास पैदा हुआ है। हमें खुद के साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।
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नारी सशक्तीकरण का यह प्रयास है सराहनीय
छात्रा आरती राना ने कहा कि पहले के दौर की तुलना में आज के दौर में महिलाएं काफी आगे निकल चुकी हैं। अमर उजाला का नारी सशक्तीकरण का यह प्रयास सराहनीय है, इससे काफी कुछ सीखने को आगे भी मिलता रहेगा।
बेटी का जहां है सम्मान, वह घर है स्वर्ग समान
छात्रा अनन्या गुप्ता ने कहा कि बेटों के जन्म पर जश्न होता है और बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है, ऐसा क्यों है। समाज को सुधरने की जरूरत है। कहा कि जिस घर में होती है बेटी का सम्मान, वह घर होता है स्वर्ग समान।
बेटियों का भी होना चाहिए बराबर सम्मान
छात्रा शालिनी प्रजापति ने कहा कि बेटा तो सिर्फ एक घर ही संभालता है लेकिन बेटियां तो दो-दो घर चलाती हैं इसीलिए बेटियों का भी बेटों के समान बराबर सम्मान होना चाहिए।
मुहिम से लोगों को भी लेनी चाहिए सीख
छात्रा रूबाब खान ने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को पराजित करना ही अपराजिता होता है। अमर उजाला की इस मुहिम से लोगों को भी सीख लेनी चाहिए ताकि महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में कमी आए।
किसी भी परिस्थिति में डरने की नहीं है जरूरत
छात्रा अंजली मौर्या ने कहा कि किसी भी परिस्थितियों से सामना करने के लिए डरने की जरूरत नहीं हैं। अमर उजाला की यह मुहिम महिला सशक्तीकरण में मील का पत्थर साबित होगी।
सशक्तीकरण के माध्यम से जागरूक करना सराहनीय
छात्रा निषात बानो ने कहा कि अपना वजूद भूलकर हर किरदार निभाती हैं ये वो देवी हैं जो घर को स्वर्ग बनाती है। अमर उजाला के इस अभियान से खुशी के साथ ही सीख भी मिली कि कोई महिलाओं को कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक कर रहा है।
इस तरह के कार्यक्रम से बढ़ता है मनोबल
छात्रा हरलीन कौर ने कहा कि ‘पुत्री है सबसे सुंदर उपहार, इसका न करो दुर्व्यवहार’। अमर उजाला द्वारा कराए जा रहे इस तरह के कार्यक्रम से मनोबल बढ़ता है और अधिकार जानने के साथ ही अपनी सुरक्षा खुद करने की भी सीख मिलती है।
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