मितौली/ लखीमपुर खीरी। कोमल है कमजोर नहीं, शक्ति का नाम ही नारी है, जग को जीवन देने वाली, मौत भी तुझसे हारी है...। छात्रा अक्षरा त्रिपाठी ने जब अपराजिता प्रोग्राम में जब यह गीत गाकर सुनाया तो हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मितौली के केदार सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज में सोमवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में छात्राओं का उत्साह देखने लायक था। यशी सिंह ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए लिंग अनुपात में कमी पर सबका ध्यान केंद्रित किया। कृत्रिका मिश्रा ने ध्यानी तू ध्यान में खोया कहां है..गीत गाकर नारी की उपेक्षा पर व्यंग्य किया। रुचि यादव ने घरेलू हिंसा, बेटे-बेटियों में भेदभाव और नारी संघर्ष पर विचार रखे। एसडीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि छात्राओं को अगर कोई भी किसी भी तरह से परेशान करे तो वह अपनी बात बेझिझक तरीके से पहले अपने माता-पिता से कहें। अगर वहां संकोच लगे तो शिक्षक या प्रधानाचार्य को बताएं। किसी तरह का संकोच करने से वह समस्या बढ़ती है। एसडीएम ने कहा कि बेटियों के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती। बेटियों-बेटों में कोई फर्क नहीं है। अभिभावक भी बेटियों से घर में पक्षपात ना करें क्योंकि बेटा केवल एक घर को संभालता है, जबकि बेटियां दो घरों को। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से किया गया। रेशू, रोमी, तान्या और खुशी ने स्वागत गीत गाया। कार्यक्रम में गन्ना समिति सचिव बृजेश सिंह, प्रधानाचार्य विजय सिंह, समाजसेवी अमित गुप्ता, कोऑर्डिनेटर अंजली सिंह समेत शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद थीं।